पटना

शिकायत के बाद बंद हुई सालों पुरानी परंपरा, पटना के कोतवाली थाना परिसर में अब नहीं होगी जुमे की नमाज

Patna Kotwali Thana Friday Namaz: पटना के ऐतिहासिक कोतवाली थाना परिसर में वर्षों से चली आ रही जुमे की नमाज की व्यवस्था अब समाप्त कर दी गई है। बिहार सरकार के 'सहयोग' पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन, जामा मस्जिद के इमाम और मस्जिद कमेटी ने निर्णय लिया कि अब थाना परिसर के भीतर नमाज नहीं पढ़ी जाएगी।
2 min read
Jul 02, 2026
patna kotwali frisay manaz
कोतवाली थाना परिसर में अब नहीं पढ़ी जाएगी जुमे की नामज

Patna Kotwali Thana Namaz: बिहार की राजधानी पटना के कोतवाली थाना परिसर में दशकों से चली आ रही जुमे (शुक्रवार) की नमाज पढ़ने की परंपरा अब पूरी तरह बंद हो गई है। राज्य सरकार के सहयोग पोर्टल पर मिली एक ऑनलाइन शिकायत के बाद पुलिस प्रशासन ने यह कदम उठाया है। शिकायत में तर्क दिया गया था कि जुमे की नमाज के दौरान थाना परिसर के भीतर भारी भीड़ जमा होने से पुलिस कार्यालय के नियमित और आवश्यक प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। इसके बाद थाना प्रशासन और स्थानीय मुस्लिम समुदाय के बीच हुई एक बैठक में सर्वसम्मति से इस परिसर में नमाज न पढ़ने का फैसला लिया गया।

सहयोग पोर्टल की शिकायत पर पुलिस की पहल

सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया। कानून-व्यवस्था, थाना परिसर की सुरक्षा और सरकारी कार्यों की सुगमता को ध्यान में रखते हुए कोतवाली डीएसपी और थाना प्रभारी ने स्थानीय जामा मस्जिद के इमाम और गणमान्य लोगों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया। पुलिस और मस्जिद कमेटी के बीच शांतिपूर्ण माहौल में बातचीत हुई। प्रशासन की बात को समझते हुए मस्जिद प्रबंधन और स्थानीय लोगों ने थाना परिसर के भीतर नमाज न पढ़ने के निर्णय को स्वीकार कर लिया।

थाना परिसर में क्यों होती थी नमाज

इस मस्जिद में पिछले 30 सालों से नमाज अदा कर रहे एक स्थानीय नमजी ने बताया कि यह व्यवस्था बेहद पुरानी थी। जुमे के दिन मस्जिद में नमाजियों की तादाद बहुत ज्यादा बढ़ जाती है। जब मस्जिद के सारे तल्ले पूरी तरह भर जाते थे, तो बची हुई भीड़ बगल में स्थित कोतवाली थाने के खाली परिसर और उसके दाहिने हिस्से में नमाज के लिए खड़ी हो जाती थी। नमाजियों का कहना है कि यह महज कुछ मिनटों की बात होती थी और इससे थाने के कामकाज में कभी कोई सीधी बाधा नहीं आई, लेकिन अब जब प्रशासन ने मना किया है तो वे इस फैसले के साथ खड़े हैं।

प्रशासन के फैसले का किया गया स्वागत

नमाजियों ने कहा कि उन्हें पुलिस प्रशासन के इस फैसले से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि नमाजी सिर्फ इबादत के लिए आते हैं और नमाज पढ़कर चले जाते हैं, उनका राजनीति या किसी विवाद से कोई लेना-देना नहीं है। जब प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से मना कर दिया है, तो जबरदस्ती थाना परिसर में जाने का कोई सवाल ही नहीं उठता। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले को किसी भी तरह का सियासी रंग देने की कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया।

भीड़ के लिए की गई वैकल्पिक व्यवस्था

थाना परिसर में रोक लगने के बाद जुमे की नमाज में उमड़ने वाली भीड़ को संभालने के लिए मस्जिद प्रशासन ने पहले ही तैयारी कर ली है। मस्जिद के ठीक दाहिनी तरफ एक अन्य खाली जगह मौजूद है, जो पहले से ही नमाज के लिए इस्तेमाल होती रही है। अब थाना परिसर में जाने वाले नमाजियों को इसी वैकल्पिक स्थान पर भेजा जाएगा ताकि वे बिना किसी व्यवधान के शांतिपूर्ण तरीके से अपनी इबादत पूरी कर सकें।

Updated on:
02 Jul 2026 06:17 pm
Published on:
02 Jul 2026 06:15 pm