पटना में नीट छात्रा रेप-मौत मामले की जांच सीबीआई पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत कर रही है। इसी कारण मनीष की जमानत याचिका पर सुनवाई भी पॉक्सो कोर्ट में हो रही है।
पटना में नीट छात्रा रेप-मौत मामले में पॉक्सो कोर्ट में बुधवार को एक बार फिर सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में जेल में बंद शंभू गर्ल्स हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में गुरुवार (12 मार्च) को एक बार फिर कोर्ट में सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान सीबीआई अपनी जांच रिपोर्ट कोर्ट में लेकर पहुंची थी। इससे पहले मनीष रंजन के वकील ने कोर्ट से उन्हें जमानत देने की अपील की थी, लेकिन पीड़िता के परिवार के वकील ने इसका कड़ा विरोध किया।
पॉक्सो कोर्ट ने 2 मार्च को मनीष रंजन के जेल में रहने को लेकर सवाल उठाते हुए दोनों पक्षों से पूछा था कि आखिर मनीष को किस आधार पर जेल में रखा गया है।
बुधवार को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। इसी वजह से मनीष की जमानत याचिका पर अब गुरुवार को फिर से सुनवाई होगी। मनीष से जुड़े मामले की सुनवाई फिलहाल पॉक्सो कोर्ट में ही चल रही है।
इससे पहले की सुनवाई में मनीष रंजन की ओर से उनके वकील ने कोर्ट से जमानत देने की अपील की थी, जबकि पीड़ित परिवार के वकील एस.के. पांडेय ने इसका कड़ा विरोध किया था।
पटना नीट छात्रा रेप-मौत मामले की शुरुआती जांच पटना पुलिस कर रही थी। इसके बाद गृह मंत्री के निर्देश पर इस प्रकरण की जांच एसआईटी को सौंप दी गई। हालांकि, परिजनों के विरोध के बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को दे दी।
सीबीआई ने केस को टेकओवर करने के बाद इसमें पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ीं, जबकि इससे पहले यह धारा नहीं लगाई गई थी। इसे लेकर कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी भी की थी। इसके बाद सरकार की ओर से नोटिफिकेशन जारी कर मामले में पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं।
पॉक्सो एक्ट लागू होने के बाद अब मनीष रंजन की जमानत याचिका के साथ-साथ नीट छात्रा के रेप-मौत मामले की सुनवाई भी पॉक्सो कोर्ट में हो रही है।