पटना

पटना गर्ल्स हॉस्टल: FIR पर परिजनों के दावे और पुलिस के बयान में उलझी NEET छात्रा की डेथ मिस्ट्री

पटना पुलिस के बयान और परिजनों के दावे के बीच नीट की तैयारी कर रही छात्रा की डेथ मिस्ट्री उलझकर रह गई है। पटना पुलिस के नए दावे के बाद एक नया विवाद शुरू हो गया है। 

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Feb 04, 2026
पटना SSP कार्तिकेय शर्मा

पटना गर्ल्स हॉस्टल में रहकर तैयारी कर रही छात्रा के मौत मामले में पटना पुलिस के दावे पर एक बार फिर बवाल शुरू हो गया। पटना पुलिस ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि परिजन ही शुरू में एफआईआर नहीं करवाना चाहते थे। पटना के एसएसपी के इस दावे पर परिजनों ने पलटवार करते हुए कहा कि पटना पुलिस शुरू से इस मामले को रफा दफा करना चाह रही है। इसकी वजह से प्रतिदिन केस को कमजोर और रफा-दफा करने के लिए एक नई कहानी रच रही है। उन्होंने दावा किया कि हम लोग एफआईआर नहीं करना चाह रहे थे तो क्यों थाना और एसएसपी के पास क्यों दौड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस को झूठ और कहानी बनाने भी नहीं आती है।

किसे बचाना चाह रही है पुलिस

पटना पुलिस ने इससे पहले भी बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया था कि छात्रा ने खुदकुशी किया है। छात्रा के साथ कोई रेप या रेप की कोशिश नहीं हुई है। पटना पुलिस ने यह दावा प्रभात मेमोरियल से प्राप्त इनपुट पर किया था। आप पटना के एसएसपी एक बार फिर प्रभात मेमोरियल अस्पताल की चर्चा करते हुए कहा कि पीड़िता के परिजन एफआईआर दर्ज नहीं करना चाह रहे थे। प्रभात मेमोरियल अस्पताल की ओर से पटना पुलिस को सूचना दी गई। पटना पुलिस के इस बयान पर परिजन ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि पटना पुलिस बार बार क्यों अस्पतला प्रशासन को बचाना चाह रही है।

पटना पुलिस की जांच पर खड़े हुए सवाल

पटना के सीनियर पत्रकार लव कुमार मिश्रा कहते हैं कि पटना पुलिस की जांच पर सवाल खड़ा करते हुए कहते हैं कि पहले से विवाद में फंसी पटना पुलिस ने आज बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर एक और विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि पीड़िता के परिजन शुरू से कहते आ रहे हैं कि अस्पताल प्रशासन लड़की का ठीक से इलाज नहीं कर रही है। अस्पतला प्रशासन ने कभी नहीं परिजनों से कहा कि लड़की के साथ रेप या रेप का प्रयास जैसी कोई घटना हुई। इस बात की जानकारी अस्पताल के नर्स और अन्य डॉक्टरों से मिलने पर परिजन चित्रगुप्त नगर थाना जाकर शिकायत किया । शिकायत के बाद भी पटना पुलिस की ओर से पूरे मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। अस्पताल प्रशासन से कोई पूछताछ नहीं की गई। फिर पटना पुलिस ने ऐसा क्यों कह रही है कि पीड़िता के परिजन एफआईआर दर्ज नहीं कराना चाह रहे थे? पटना पुलिस के इस दावे के बाद एक नया विवाद शुरू होगा।

Updated on:
04 Feb 2026 08:51 pm
Published on:
04 Feb 2026 08:50 pm
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