पटना पुलिस गुरूवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्वीकारा कि छात्रा के साथ हत्या से पहले यौन शोषण किया गया था। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी कर लिया है।
पटना के गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा की मौत मामले में पटना पुलिस ने गुरूवार को बड़ा खुलासा किया। कल तक आत्म हत्या का दावा करने वाली पटना पुलिस ने गुरूवार को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद स्वीकारा कि छात्रा की हत्या की गई है। हत्या
से पहले छात्रा के साथ यौन शोषण की बात भी पटना पुलिस ने स्वीकार कर ली है। जबकि हत्या के बाद से पीडिता के परिजन ये बात कह रहे थे। लेकिन, पुलिस उनकी बात को खारिज कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद पटना पुलिस ने आनन फानन में इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए डॉस्टल के वार्डन मनीष रंजन को गिरफ्तार कर अपनी जांच तेज कर दी है। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को सेकेंड ओपिनियन के लिए पटना एम्स भी भेजा है। ताकि किसी भी तरह की कानूनी और तकनीकी चूक न रहे। पुलिस का कहना है कि हर पहलू से जांच की जा रही है.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के तत्काल बाद पटना पुलिस ने हॉस्टल के वार्डन मनीष रंजन को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को आशंका थी कि हॉस्टल के अंदर साक्ष्य प्रभावित किए जा सकते हैं। इसको देखते हुए यह कार्रवाई की गई है। इसके साथ ही पुलिस ने छात्रा के इलाज करने वाले सभी डॉक्टरों का बयान भी दर्ज किया है। तीन दिन पहले मृत छात्रा के परिवार द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। इसके बाद गुस्सा और भड़क गया। शहर में तनाव का माहौल बन गया।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने अपने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पोस्मार्टम का वीडियोग्राफी कराया गया है। पटना से लेकर जहानाबाद तक के करीब100 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस खंगाल रही है। छात्रा जिस-जिस रास्ते से गुजरी थी, सभी रूट का फुटेज इकट्ठा किया गया है।
इस घटना के बाद हॉस्टल की छात्राएं डरी हुई हैं। वे पुलिस के सामने कोई भी बयान देने से परहेज कर रही है। आसपास के लोग भी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। पिछले ढाई साल से छात्रा इसी हॉस्टल में रह रही थी।
पुलिस के अनुसार छात्रा 5 जनवरी को अपने घर से हॉस्टल लौटी थी। 6 जनवरी को उसने दूसरी छात्राओं के साथ खाना खाया था। इसके बाद अपने कमरे में चली गई। लेकिन, काफी देर तक जब वो अपने कमरे से बाहर नहीं निकली। इसपर हॉस्टल कर्मियों को शक हुआ तो उसके कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। आनन फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद प्राइवेट पार्ट पर बाहरी चोट की बात कही थी। डॉक्टर उसका इलाज कर रहे थे। इससे पहले उसकी मौत हो गई। मौत के बाद अब पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस को यौन शोषण को लेकर साक्ष्य मिले हैं। पुलिस अब इस मामले को हर एंगल से जांच में जुट गई है।