पटना

Patna Medical College and Hospital में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं ठप, इलाज ‘बंद’

PMCH में जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने की वजह से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप हो गई है। इलाज के लिए आए लोगों को बहुत भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में वे इलाज के लिए प्राइवेट नर्सिंग होम में जा रहे हैं।
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Sep 18, 2025
Patna Medical College and Hospital
पीएमसीएच में अपनी मांग के लिए प्रदर्शन करते जूनियर डॉक्टर। फोटो-पत्रिका

Patna Medical College and Hospital News: बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। जूनियर डॉक्टरों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के कारण ओपीडी, वार्ड और ऑपरेशन थिएटर (OT) में सभी काम बंद हो गए हैं। आपातकालीन सेवाओं को इससे अलग रखा गया है।

क्या हैं JDA की मांगें?

बॉन्ड सेवा की अवधि घटाकर एक साल करना।
काम के दबाव को देखते हुए सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों का वेतन बढ़ाया जाए।
बॉन्ड पोस्टिंग मेरिट और विशेषज्ञता के आधार पर होनी चाहिए।
रिजल्ट प्रकाशित होना और पोस्टिंग मिलने के बीच के समय को बॉन्ड अवधि में मानना।
कोई बॉन्ड अवधि पूरी होने से पहले इस्तीफा देता है, तो उससे अर्जित वेतन का पैसा वापस नहीं लिया जाए।
बॉन्ड सेवा को सीनियर रेजिडेंसी अनुभव में जोड़ा जाए।

मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं

जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने के कारण मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई है। पीएमसीएच में रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल के कारण ये भटकते दिखे। सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज के इलाकों से आए मरीजों के साथ है। इलाज के लिए इनको मजबूरी में प्राइवेट अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। इधर, जूनियर डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें 14 दिनों के भीतर नहीं पूरी हुईं, तो आपातकालीन सेवाएं भी बंद कर देंगे।

Updated on:
18 Sept 2025 01:10 pm
Published on:
18 Sept 2025 01:08 pm