
Prashant Kishor on Jitan Ram Manjhi: जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर लगाए गए शराब पीने के आरोपों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि चूंकि बिहार में शराबबंदी लागू है, इसलिए अगर जीतन राम मांझी को इसकी जानकारी है तो उन्हें तेजस्वी के खिलाफ केस दर्ज कराकर कार्रवाई करवानी चाहिए। इसके अलावा, प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में अब चर्चा जाति, धर्म और 5 किलो मुफ्त अनाज के वितरण के बजाय शिक्षा और रोजगार की ओर बढ़ रही है, जो राज्य के लिए अच्छे संकेत है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी द्वारा तेजस्वी यादव पर नशा करने के लगाए गए आरोप पर प्रशांत किशोर ने कहा कि ऐसी जानकारी सिर्फ जीतन राम मांझी जी को ही हो सकती है। प्रशांत किशोर ने कहा कि केंद्र और राज्य, दोनों जगहों पर मांझी जी सरकार का हिस्सा हैं और पूरे बिहार में शराबबंदी लागू है। अगर तेजस्वी यादव सच में शराब पीते हैं और जीतन राम मांझी जी को इसकी पूरी जानकारी है, तो उन्हें तुरंत केस दर्ज कराना चाहिए और तेजस्वी यादव को गिरफ्तार करवाना चाहिए।
राजद कार्यालय में 'माउंटेन मैन' दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की जुबान फिसली और उन्होंने दशरथ मांझी की जगह केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को श्रद्धांजलि देने की बात कह दी, तो इस पर जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर तंज कसा था। जीतन राम मांझी ने लिखा, "नशा शराब में होती तो नाचती बोतल। लगता है बाबू साहब का रात वाला उतरा नहीं था इसलिए मुझे श्रद्धांजलि दे रहे हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो आने वाले वक्त में ये जनाब जीते जी अपने पिता लालू जी एवं राबड़ी जी को भी श्रद्धांजलि दे देंगे। नशा कुछ भी करा सकता है।"
प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार द्वारा ज्ञान भवन में जॉब फेयर आयोजित करने की योजना पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि जब जनता शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दों पर वोट करती है, तो सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष दोनों को उसी रास्ते पर चलना पड़ता है। उन्होंने आगे कहा, "इससे ज़्यादा खुशी की बात क्या हो सकती है कि पूरे बिहार में चर्चा जाति, धर्म और 5 किलो मुफ्त अनाज बांटने से हटकर नौकरियों और रोजगार पर आ गई है? हमने कहा था कि अगर BJP बांकीपुर जैसी एक भी सीट हारती है, तो पूरे राज्य में बातचीत शिक्षा और रोजगार पर केंद्रित हो जाएगी।"
प्रशांत किशोर ने आगे कहा कि अब यह बात सभी को साफ हो गई है कि कुछ समय पहले तक एनकाउंटर और जाति या पहनावे के आधार पर लोगों को गोली मारने की बातें करने वाले सम्राट चौधरी अब जॉब फेयर आयोजित करने और शिक्षा पर ध्यान देने की बात कर रहे हैं। सरकार इन वादों को पूरा करने में सफल होती है या नहीं, यह अलग बात है, लेकिन बातचीत का मुद्दा जरूर बदल गया है।