
Raghopur Boat Accident: बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर दियारा इलाके में गंगा नदी में नाव पलटने की दर्दनाक घटना ने कई परिवारों को उजाड़ दिया। हादसे में कम से कम 13 बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे में बचकर निकले बच्चे अजीत कुमार अश्वनी ने जो कुछ बताया, वह हादसे की भयावहता को बयां करता है।
अजीत के मुताबिक, नाव में काफी लोग सवार थे और वे एक भोज में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान नाव में छेद होने के कारण पानी भरने लगा और देखते ही देखते नाव डूब गई। हादसे में बचे एक अन्य युवक आदित्य कुमार ने बताया कि नाव में पानी भरने के बाद लोग अपनी जान बचाने के लिए नदी में कूदने लगे। आदित्य ने बताया कि उसे एक लकड़ी का लट्ठा मिल गया, जिसे पकड़कर उसने खुद को पानी से बाहर निकाला।
वहीं, स्थानीय निवासी सत्येंद्र ने अपने परिवार के कई बच्चों को खोने का दर्द बयां किया। उन्होंने बताया कि उनके भाई के पोते, तीन पोतियां और उनकी अपनी छोटी बच्ची भी नदी में डूब गईं। सत्येंद्र के मुताबिक, रात में हादसे की खबर मिलते ही वे घटनास्थल की ओर दौड़े, लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ खत्म हो चुका था। उन्होंने बताया कि बिंदेश्वर नाम के एक व्यक्ति ने पानी में कूदकर तीन बच्चों को बचाया और फिर दोबारा लोगों को बचाने की कोशिश की। सत्येंद्र ने भी बच्चों को पानी के ऊपर संभालने की कोशिश की, लेकिन जब उन्होंने वयस्कों को बाहर निकालना चाहा तो वे उन्हें भी पानी में खींचने लगे। उन्होंने कहा कि नाव पर करीब 20 लोग सवार थे। इस हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के वैशाली जिले के राघोपुर इलाके में रामपुर श्यामचंद गांव के पास गंगा नदी में 13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) की रात करीब 8:30 बजे एक दर्दनाक नाव हादसा हुआ, जिसमें नदी की बीच धारा में निजी नाव टूटने व अनियंत्रित होकर पलटने के कारण 13 लोगों की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि हादसे वाली नाव की जितनी क्षमता थी उससे अधिक लोग पर उस पर सवार थे। वे सभी लोग पड़ोसी गांव में एक श्राद्ध के भोज कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इस भीषण हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर नाबालिग बच्चे और बच्चियां शामिल हैं, जबकि करीब 7 घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और लापता लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है