पटना

राज्यसभा चुनाव 2026: 5 सीटों पर NDA का दांव, 41 वोट के गणित में फंसी कुशवाहा की किस्मत?

बिहार की राज्यसभा के पांच सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए NDA की सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पांचवी सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है। एनडीए घटक दलों को पांचवी सीट जीतने के लिए 03 वोटों की जरूरत है।

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Mar 04, 2026
Upendra Kushwaha
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा। (Photo-IANS)

बिहार की 5 राज्यसभा सीटों पर छह प्रत्याशियों के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना है। अगर ऐसी नौबत आई तो प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 41 वोटों की ज़रूरत पड़ेगी। संख्या बल के हिसाब से एनडीए की चार सीटों पर जीत पक्की है। पांचवी सीट के लिए एनडीए के पास 38 वोट बचेंगे जो कि जीत से 3 कम है। इधर, महागठबंधन अपना प्रत्याशी खड़ा करता है तो उसे 6 सीटों की जरूरत पड़ेगी। बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए NDA की सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा उम्मीदवार होंगे। कुशवाहा 5 मार्च को अपना नामांकन भरेंगे, जिसमें NDA के सभी नेता शामिल होंगे। 06 मार्च को नामांकन का आखिरी तारीख है। राज्यसभा की 5 सीटों के लिए कुशवाहा और BJP अध्यक्ष नितिन नवीन समेत एनडीए के 5 प्रत्याशी चुनाव में होंगे।

कैसे करेंगे 03 विधायकों की जुगाड़

बिहार की 5 राज्यसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए NDA की सहयोगी राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा पांचवी सीट पर अपनी दावेदारी पेश की है। 5 मार्च को वो अपना नामांकन भरेंगे। इसके साथ ही इस बात ची चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर कुशवाहा 03 वोट कहां से जुगाड़ करेंगे। सूत्रों का कहना है कि एनडीए की नज़र BSP और IIP जैसी छोटी पार्टियों पर है। जिसके 1-1 विधायक हैं। इसके साथ ही एनडीए की नजर असदुद्दीन ओवैसी के 5 विधायकों पर है। ओवैसी की पार्टी AIMIM के बिहार में 5 विधायक हैं।

ओवैसी बने किंग मेकर

राज्यसभा की पांचवी सीट के लिए ओवैसी किंग मेकर की भूमिका में हैं। महागठबंधन के सीनियर नेता ओवैसी के संपर्क में हैं। उन्होंने ओवैसी से समर्थन भी मांगा है। इधर, उपेंद्र कुशवाहा भी ओवैसी से समर्थन मांग सकते हैं। दोनों की पुरानी दोस्ती है। उपेन्द्र कुशवाहा 2020 में ओवैसी और BSP के साथ मिलकर बिहार में चुनाव लड़ा था। इस गठबंधन को ग्रैंड सेक्युलर डेमाक्रेटिक फ्रंट का नाम दिया गया था। लेकिन, इस चुनाव में कुशवाहा की पार्टी को कोई सीट नहीं मिला था। लेकिन ओवैसी की पार्टी को 5 सीटें मिली थी। उपेंद्र कुशवाहा अपनी उस पुरानी जान पहचान के आधार पर ओवैसी से संपर्क किया है। अगर ओवैसी का समर्थन मिला तो कुशवाहा जीत जायेंगे। हालांकि ओवैसी इसके लिए कितना तैयार होंगे अभी कहना जल्दबाजी होगा।

ओवैसी क्यों करेंगे कुशवाहा को वोट?

उपेंद्र कुशवाहा अपनी पार्टी ने पांचवी सीट पर नामांकन करेंगे। अर्थात कुशवाहा राष्ट्रीय लोक मोर्चा से उम्मीदवार होंगे, न कि बीजेपी के प्रत्याशी होंगे। ऐसे में ओवैसी के विधायकों को कुशवाहा के पक्ष में मतदान करने में परेशानी नहीं हो सकती है। इधर, ओवैसी की पार्टी का RJD या इंडिया गठबंधन के साथ रिश्ता बहुत मधुर नहीं है। 2025 के विधानसभा चुनाव में भी ओवैसी ने खुले तौर पर इंडिया गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ने के लिए तेजस्वी यादव को पत्र लिखा लेकिन तेजस्वी ने कोई जवाब नहीं दिया और उस प्रस्ताव को नकार दिया था।

चुनाव जीतने के लिए 41 वोट की जरूरत

बिहार विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 243 है। इसमें 202 विधायक एनडीए के हैं। इसके आधार पर एनडीए की चार सीट पक्की मानी जा रही है। इसके बाद भी एनडीए के पास 38 वोट और बचते हैं। जो कि पांचवीं सीट पर जीत दिलवाने के लिए ज़रूरी संख्या से मात्र 3 वोट कम है।

Updated on:
04 Mar 2026 08:25 am
Published on:
04 Mar 2026 08:24 am