
अशरफ अंसारी -चिराग पासवान
Bihar Mlc Electionबिहार विधान परिषद (MLC) चुनाव में चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाकर सभी को चौंका दिया है। पार्टी के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष अशरफ अंसारी को विधान परिषद चुनाव के लिए प्रत्याशी घोषित किया गया है। इसकी जानकारी पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के माध्यम से दी गई। राजनीतिक जानकार चिराग पासवान के इस फैसले को बिहार की राजनीति में मुस्लिम समुदाय के बीच पैठ बढ़ाने और सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।
वहीं, इस फैसले और मंत्री दीपक प्रकाश के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह एक सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया है। दीपक प्रकाश को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “आप लोग इतनी हड़बड़ी क्यों कर रहे हैं? नामांकन तो परसों है, अभी नामांकन की प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है।”
अशरफ अंसारी को उम्मीदवार बनाकर चिराग पासवान ने संगठन के प्रति समर्पित नेतृत्व और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व पर भरोसा जताया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अशरफ अंसारी को चुनाव मैदान में उतारकर चिराग पासवान ने आरजेडी के पारंपरिक ‘एमवाई’ (मुस्लिम-यादव) समीकरण में सेंध लगाने की कोशिश की है।
इसके अलावा, अशरफ अंसारी की धर्मनिरपेक्ष (सेक्यूलर) छवि को भी उनकी उम्मीदवारी की एक महत्वपूर्ण वजह माना जा रहा है। उन्हें चिराग पासवान के करीबी नेताओं में गिना जाता है। पार्टी ने वर्ष 2025 में उन्हें कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी। संगठन और रणनीति के स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने वाले अशरफ अंसारी को अब पार्टी ने एक नई राजनीतिक जिम्मेदारी के साथ चुनावी मैदान में उतारा है।
बिहार में विधान परिषद (MLC) चुनाव को लेकर शुक्रवार को बीजेपी और जेडीयू ने अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। शनिवार को लोजपा(आर) ने भी अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए। एनडीए घटक दलों की ओर से घोषित नामों में पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा के बेटे और मंत्री दीपक प्रकाश का नाम शामिल नहीं है। वहीं, बीजेपी ने भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह को एमएलसी बनाने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव के दौरान पवन सिंह की उम्मीदवारी को उपेंद्र कुशवाहा और आर.के. सिंह की हार का एक प्रमुख कारण माना गया था। दूसरी ओर, दीपक प्रकाश पहले नीतीश कुमार सरकार और अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार में बिना विधायक या विधान पार्षद बने मंत्री पद पर हैं। वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में अब उनकी मंत्री पद की कुर्सी खतरे में पड़ सकती है।
Published on:
06 Jun 2026 03:47 pm
बड़ी खबरें
View Allपटना
बिहार न्यूज़
ट्रेंडिंग
