Bihar Politics राज्य सभा चुनाव में कांग्रेस के तीन और RJD के एक विधायक ने मतदान नहीं किया। मतदान से गैरहाज़िर रहे इन विधायकों ने अब वोट नहीं डालने के पीछे की वजह भी साझा की है।
Bihar Politics बिहार में राज्य सभा चुनाव के बाद कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप के बीच वोटिंग से गैरहाज़िर रहे तीनों विधायकों की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सोमवार को हुए चुनाव में कांग्रेस के तीन और RJD के एक विधायक ने मतदान नहीं किया था। इनकी अनुपस्थिति की वजह से एनडीए सभी पांचों सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रही। चुनाव के एक दिन बाद कांग्रेस के तीनों विधायकों ने वोटिंग में शामिल नहीं होने की वजह बताते हुए कहा कि वे कांग्रेस में थे, हैं और आगे भी पार्टी के साथ बने रहेंगे।
वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा के मीडिया प्रभारी विनय यादव ने उनके मतदान नहीं करने की वजह साझा करते हुए बताया कि महागठबंधन द्वारा घोषित उम्मीदवार से वे संतुष्ट नहीं थे। सुरेंद्र कुशवाहा, आरजेडी के एडी सिंह की जगह पार्टी नेता और बगहा चीनी मिल के मालिक दीपक यादव को उम्मीदवार बनाए जाने के पक्ष में थे, लेकिन उनकी राय पर ध्यान नहीं दिया गया। इसी कारण उन्होंने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। सुरेंद्र कुशवाहा कांग्रेस ज्वाइन करने से पहले उपेंद्र कुशवाहा के साथ थे। वे उनकी पार्टी के टिकट पर वाल्मीकिनगर से चुनाव भी लड़ चुके हैं।
कांग्रेस के मनिहारी से विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं करने की वजह बताते हुए कहा कि महागठबंधन की ओर से दलित, अल्पसंख्यक या ओबीसी वर्ग से किसी भी उम्मीदवार को क्यों नहीं चुना गया, जबकि ये गठबंधन का बड़ा वोट बैंक हैं। इन वर्गों की अनदेखी के विरोध में उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस में थे, हैं और आगे भी पार्टी के साथ बने रहेंगे।
फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने राज्यसभा चुनाव में मतदान नहीं करने के कारणों पर फिलहाल कुछ भी कहने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उचित समय आने पर वे इस मुद्दे पर विस्तार से बात करेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पार्टी के प्रति पूरी तरह निष्ठावान हैं और कांग्रेस छोड़कर कहीं नहीं जा रहे हैं।
ढाका से RJD विधायक फैसल रहमान ने बताया कि उनकी मां रुक्साना खातून पिछले एक महीने से बीमार हैं। उनके इलाज के सिलसिले में दिल्ली में हूं, इसी वजह से वे राज्य सभा चुनाव में मतदान के लिए पटना नहीं पहुंच सके।