पटना

नीतीश कुमार के घर पहुंचे RCP सिंह; मुलाकात न होने पर भड़के समर्थक, बोले- MLC ने साजिश रचकर रोका

Bihar Politics: पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पर पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। उन्होंने वहां करीब 10 मिनट तक इंतज़ार किया। समर्थकों का आरोप है कि जेडीयू नेताओं ने मुलाकात नहीं होने दी।
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Jun 27, 2026
Nitish Kumar and RCP singh
जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार और जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह

Bihar Politics: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भरोसेमंद सहयोगी और जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके पूर्व केंद्रीय मंत्री रामचंद्र प्रसाद सिंह (RCP सिंह) शनिवार को अचानक नीतीश कुमार से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। हालांकि, RCP सिंह को बिना मुलाक़ात किए ही निराश होकर लौटना पड़ा। इसके बाद, आवास के बाहर मौजूद RCP सिंह के समर्थक भड़क गए। उन्होंने आरोप लगाया कि जदयू के विधान परिषद सदस्यों ने RCP सिंह को पूर्व मुख्यमंत्री से मिलने से रोकने के लिए साज़िश रची थी।

नीतीश कुमार ने सिर्फ इशारों में दिया प्रणाम का जवाब

जानकारी के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह शनिवार सुबह करीब 20-25 समर्थकों के साथ अचानक पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचे। उन्हें वीआईपी वेटिंग एरिया में करीब 10 मिनट तक इंतज़ार करना पड़ा। इसी दौरान, जब नीतीश कुमार अपने कमरे से बाहर निकले, तो उन्होंने आरसीपी सिंह को वहां बैठे देखा। नीतीश कुमार को देखते ही आरसीपी सिंह तुरंत खड़े हो गए और सम्मानपूर्वक प्रणाम किया। हालांकि, नीतीश कुमार ने एक आम कार्यकर्ता की तरह महज इशारों में ही प्रणाम का जवाब दिया और अपने अंदर वाले कमरे में चले गए।

समर्थकों ने MLC पर लगाए आरोप

मुख्यमंत्री से मुलाकात की उम्मीद टूटने के बाद आरसीपी सिंह के समर्थक भड़क गए। समर्थकों ने आरोप लगाया कि JDU MLC संजय गांधी और विधान पार्षद ललन सराफ ने जानबूझकर साजिश रची और RCP सिंह को नीतीश कुमार से मिलने नहीं दिया। मुलाकात न होने से नाराज और आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने नीतीश आवास के बाहर ही एमएलसी संजय गांधी और ललन सराफ के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि, RCP सिंह न कुछ भी नहीं कहा और चले गए।

RCP सिंह की JDU में वापसी की अटकलें कैसे शुरू हुईं

RCP सिंह की JDU में वापसी की अटकलें मुख्य रूप से जनवरी 2026 में हुए कुछ सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण शुरू हुईं। 11 जनवरी 2026 को एक कार्यक्रम में नीतीश कुमार और RCP सिंह, दोनों शामिल हुए। इस कार्यक्रम के बाद में RCP सिंह ने नीतीश कुमार को अपना अभिभावक बताया था और उनकी नीतियों की तारीफ की थी। जब RCP से JDU में वापसी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जल्द पता लगने की बात कही थी।

RCP सिंह को JDU से क्यों हटाया गया था

RCP सिंह को पार्टी से इसलिए निकाला गया क्योंकि केंद्रीय मंत्री के तौर पर उनकी नियुक्ति को लेकर विवाद हुआ था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके रिश्ते में दरार आ गई थी। 2021 में केंद्रीय कैबिनेट विस्तार के दौरान नीतीश कुमार 2 मंत्री पद चाहते थे। लेकिन, RCP सिंह ने नीतीश कुमार की सहमति के बिना केंद्रीय इस्पात मंत्री के तौर पर शपथ ले ली। इस कदम को नीतीश कुमार की इच्छा के खिलाफ माना गया।

नतीजतन, नीतीश कुमार ने 2022 में RCP सिंह को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट नहीं किया, जिससे उन्हें केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा। इसके कुछ ही समय बाद जदयू ने उन पर भ्रष्टाचार और गैर-कानूनी संपत्ति जमा करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए। उनके रिश्तों में कड़वाहट इतनी बढ़ गई कि आखिरकार RCP सिंह को पार्टी छोड़नी पड़ी।

Updated on:
27 Jun 2026 11:06 am
Published on:
27 Jun 2026 11:04 am