
रिशु श्री टेंडर मामले को लेकर आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य सरकार और वरिष्ठ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। सुधाकर सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि इस मामले की जांच कोर्ट की निगरानी में कराई जाती है, तो सरकार के नौ वरिष्ठ आईएएस अधिकारी जांच के दायरे में आ सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा विभाग में पिछले कई वर्षों से बड़े पैमाने पर अनियमितताएं होती रही हैं और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए न्यायिक निगरानी आवश्यक है। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कथित टेंडर प्रक्रिया में आनंद किशोर की भूमिका की जांच कराने की मांग दोहराई।
रिशु श्री टेंडर मामले को लेकर आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह ने मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार पर वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद किशोर को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि आनंद किशोर उनके संरक्षण में कथित अनियमितताओं को अंजाम देते रहे। सुधाकर सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में केवल आनंद किशोर ही नहीं, बल्कि बिहार के नौ वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जिस तरह चारा घोटाले की जांच न्यायिक निगरानी में हुई थी, उसी तर्ज पर इस मामले की भी कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। शिक्षा विभाग का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन में लगातार अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। इसलिए इन मामलों की भी व्यापक जांच कराई जानी चाहिए।