
RJD Delegation at Lok Bhavan: तेजस्वी यादव के नेतृत्व में RJD ने बुधवार को प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने, बेरोजगारी, परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों और बिहार में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान उन पर की गई कार्रवाई के खिलाफ राजभवन मार्च निकाला। मार्च के दौरान वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और RJD नेताओं को हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद RJD का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन लेकर राजभवन पहुंचा। हालांकि, राज्यपाल के मौजूद नहीं होने की वजह से राज्यपाल की उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बजाय, वे राज्यपाल के प्रधान सचिव से मिले और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
राजभवन से निकलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए राज्यसभा सांसद प्रो. मनोज कुमार झा ने केंद्र और राज्य दोनों सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्य उद्देश्य केवल ज्ञापन सौंपना नहीं था, बल्कि उस व्यवस्थागत विफलता के खिलाफ आवाज उठाना था जिसने छात्रों को गर्दनीबाग में लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया है।
मनोज झा ने कहा कि मौलिक सवाल यह है कि छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गईं और झूठा हलफनामा दायर किया गया। उन्होंने कहा कि एक तरफ केंद्रीय मंत्री खुलेआम झूठा दावा कर रहे हैं कि कोई गोली नहीं चली, जबकि दूसरी तरफ सरकार द्वारा दायर हलफनामे में हवाई फायरिंग की बात स्वीकार की गई है। राज्य में एक भी परीक्षा ईमानदारी से आयोजित नहीं हो रही है और सरकार ने शिक्षा व रोजगार के पूरे ढांचे को गिरवी रख दिया है। हमने इन्हीं गंभीर मुद्दों से राज्यपाल के प्रधान सचिव को अवगत कराया है।
प्रो. मनोज झा ने कहा कि अब्दुल बारी सिद्दीकी के नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन के जरिए राज्यपाल से सख्त प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा में राज्यपाल की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।इसलिए, यह उम्मीद की जाती है कि राज्यपाल इन तथ्यों की गंभीरता को समझते हुए, निर्णायक कार्रवाई करेंगे और सरकार को एक स्पष्ट और कड़ा संदेश देंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार इन मांगों पर ठोस कार्रवाई करने में विफल रहती है तो क्या विपक्ष फिर से सड़कों पर उतरेगा, तो मनोज झा ने जवाब दिया कि लोकतांत्रिक संघर्ष अब नहीं रुकेगा। डॉ. राम मनोहर लोहिया का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं और छात्रों ने खुद सड़कों पर उतरकर सड़क और सदन के बीच की दूरी को पाट दिया है। उन्होंने कहा कि यह जन-आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता और पेपर लीक पूरी तरह से बंद नहीं हो जाते।