
(पटना): मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड ने जहां लड़कियों व महिलाओं के साथ हो रहे यौन अपराधों को लेकर राज्य के हर परिवार की चिंता बढा दी है वहीं इस मामले को लेकर राजनीतिक महकमे में खूब हंगामा हो रहा है। पक्ष और विपक्ष की ओर से आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला भी बदस्तूर जारी है। बिहार का मुख्य विपक्षी दल इस मामले पर पूरी तरह से मुखर हो गया है। जहां पार्टी के शिर्ष नेता तेजस्वी यादव अन्य विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मिलकर दिल्ली के जंतर मंतर में धरना दे रहे है वहीं राज्य में आरजेडी नेताओं की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सुशील मोदी के नार्को टेस्ट की मांग उठ रही है।
आरजेडी ने नीतीश- सुशील के नार्को टेस्ट की मांग की
आरजेडी के विधायक और प्रवक्ता भाई वीरेंद्र ने शनिवार को यह मांग सार्वजनिक रूप से की कि मुजफ्फरपुर शेल्टर होम बलात्कार मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नार्को टेस्ट कराएं जाएं। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार और सुशील मोदी इस मामले से जुड़े कई अभियुक्तों को बचाने की कोशिश में जुटे हैं। उन्होंने कहा दोनों नेता झूठ बोल रहे हैं। ऐसे में नार्को टेस्ट के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। इस टेस्ट में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। इस मामले में यह आरोप लगने से नई सियासी हलचल पैदा हो गई है।
बता दें कि आरजेडी इस मामले में राज्य सरकार पर लगातार निशाना साधती रही है। इस मामले पर सीएम ने लंबे समय तक कुछ नहीं कहा था इस दौरान राजद की ओर से सीएम पर लगातार अपना मौन तोड़ने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। इस मामले पर सरकार को घेरने के लिए राजद ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर दिल्ली के जंतर मंतर मैदान में धरना देने की योजना बनाई। इस धरने की अगुवाई राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव कर रहे है।