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‘पटेल को सबसे ज्यादा वोट मिले, फिर भी नेहरू बने PM’, सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर उठाए सवाल

Samrat Choudhary Latest Statement: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरदार पटेल और जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री बनने को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने का प्रसंग भी उठाया। जानिए उन्होंने क्या कहा।
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पटना

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Imran Sheikh

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Updated: 28 Oct 2026, 2:33 PM IST

Samrat Choudhary News

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नेहरू और सरदार पटेल को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए। (फोटो सोर्स-ANI)

Samrat Choudhary News: देश की आजादी के बाद जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री कैसे बने और सरदार वल्लभभाई पटेल पीछे क्यों रह गए? बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बार फिर इस पुराने राजनीतिक मुद्दे को उठाया है। पटना में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान उन्होंने कांग्रेस के फैसलों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल को सबसे ज्यादा वोट मिले थे, लेकिन महात्मा गांधी के कहने पर उन्होंने अपना नाम वापस ले लिया और इसके बाद नेहरू प्रधानमंत्री बने।

नेहरू के प्रधानमंत्री बनने पर क्या कहा?

सम्राट चौधरी ने कहा कि पटेल को ज्यादा समर्थन मिलने के बावजूद प्रधानमंत्री बनने का मौका नहीं मिला। उनके मुताबिक, गांधीजी की सलाह पर पटेल पीछे हट गए और नेहरू को देश की कमान सौंप दी गई। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आम चुनाव होने से पहले ही नेहरू ने प्रधानमंत्री के तौर पर पांच साल पूरे कर लिए थे।

हालांकि, इस मामले को समझने के लिए उस समय की राजनीतिक व्यवस्था पर भी नजर डालना जरूरी है। 1946 में कांग्रेस अध्यक्ष चुनने की प्रक्रिया को लेकर पटेल और नेहरू की भूमिका पर लंबे समय से चर्चा होती रही है। उस समय देश में आम चुनाव के जरिए प्रधानमंत्री नहीं चुना गया था। इसलिए पटेल को मिले समर्थन और नेहरू के प्रधानमंत्री बनने की घटना को उसी दौर की परिस्थितियों में समझना जरूरी है।

राजीव गांधी के शपथ लेने का भी किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के प्रधानमंत्री बनने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी की हत्या के वक्त राजीव गांधी बाहर थे। उनके लौटने के बाद राष्ट्रपति ने उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिला दी। सम्राट चौधरी ने इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय भी लोकतंत्र के मुताबिक प्रक्रिया नहीं अपनाई गई।

हालांकि, ऐतिहासिक रिकॉर्ड के मुताबिक, 31 अक्टूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या के समय राजीव गांधी पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार कर रहे थे, बांग्लादेश में नहीं। उसी दिन उन्हें प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी।

पदयात्रा के जरिए लोगों तक पहुंच रही भाजपा

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के जरिए भाजपा अपनी बात लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रही है। पटना में आयोजित इस कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने कांग्रेस के पुराने फैसलों को लेकर सवाल उठाए। उनके बयान से आजादी के बाद देश में सत्ता के शुरुआती दौर और प्रधानमंत्री चुने जाने की प्रक्रिया पर राजनीतिक चर्चा फिर शुरू हो गई है।

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