
Bihar Politics: बिहार विधान परिषद में गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जब एक मंच पर आमने-सामने आए, तो उनके बीच बेहद दिलचस्प गुफ़्तगू हुई। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही है। मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी और तेजस्वी यादव के बीच यह पहली बड़ी और औपचारिक मुलाकात थी, जिसके बाद तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए एक ऐसी बात कह दी जो चर्चा का विषय बन गई है।
अवसर था बिहार विधान परिषद में नवनिर्वाचित आरजेडी एमएलसी सोनू कुमार राय के शपथ ग्रहण समारोह का। भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार सीट पर हुए उपचुनाव में जेडीयू उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को हराकर शानदार जीत दर्ज करने वाले सोनू राय को परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोनों ही मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। मंच पर सभापति की सीट के दाहिनी तरफ सीएम सम्राट चौधरी और बाईं तरफ तेजस्वी यादव बैठे नजर आए। कार्यक्रम शुरू होते ही दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की तरफ रुख किया, मुस्कुराए और बड़े ही गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया। दोनों नेताओं के बीच करीब 20 सेकंड तक कुछ बात हुई, जिसे कैमरे ने कैद कर लिया।
शपथ ग्रहण समारोह के समापन के बाद तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को हाथ जोड़कर नमस्ते किया और विदा ली। कार्यक्रम खत्म होने के बाद जब पत्रकारों ने तेजस्वी यादव को घेर लिया और सवाल दाग दिया कि आखिर मंच पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से आपकी क्या बात हुई? इस पर तेजस्वी यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, 'अरे, हम लोग पहले एक ही दल में थे ना।'
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) में आने और मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय करने से पहले सम्राट चौधरी लंबे समय तक लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी के बड़े चेहरों में गिने जाते थे। इतना ही नहीं, वे तेजस्वी यादव की मां और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्री भी रह चुके थे। हाल ही में सदन के भीतर भी तेजस्वी ने सम्राट चौधरी को लालू की पाठशाला का छात्र बताया था।
मुलाकात की मिठास अपनी जगह थी, लेकिन पत्रकारों के सामने आते ही तेजस्वी यादव अपने पूरे राजनीतिक फॉर्म में लौट आए। आरजेडी प्रत्याशी सोनू कुमार राय द्वारा जेडीयू विधायक राधाचरण साह के बेटे कन्हैया प्रसाद को हराकर एनडीए से यह सीट छीनने पर तेजस्वी ने अपनी पीठ थपथपाई। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में ग्रेजुएट (स्नातक) और शिक्षक निर्वाचन वाले चुनाव में भी आरजेडी ही परचम लहराएगी।
तेजस्वी यादव ने चुनाव प्रणाली पर बड़ा बयान देते हुए कहा, 'सरकार बनने के बाद यह पहला ऐसा चुनाव हुआ जो पूरी तरह बैलट पेपर (मतपत्र) से कराया गया था और परिणाम देखिए, हमने यह चुनाव भारी मतों से जीता है। हमारा साफ मानना है कि अगर आज भी देश और प्रदेश में मशीन की बजाय बैलट पेपर से चुनाव कराए जाएं, तो बीजेपी और एनडीए कहीं भी नहीं टिकेगी।'