
सूटकेस के साथ ललन सिंह और संजय झा (फोटो- कोमल सिंह फेसबुक)
Bihar Politics: बिहार की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू लगातार आरोपों की बौछार का सामना कर रही है। पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन द्वारा 'थैली लेकर मंत्री पद बांटने' के आरोपों की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब एक नया 'सूटकेस बम' फूट गया है। जदयू छोड़कर राजद का दामन थामने वाले नेता प्रभात किरण ने केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा की एक बंद सूटकेस लेते हुए फोटो शेयर कर सीधे जेडीयू नेतृत्व पर 'थैली पॉलिटिक्स' का आरोप लगा दिया। हालांकि, इसके जवाब में जदयू विधायक कोमल सिंह ने तुरंत पलटवार किया।
बीते दिनों पूर्व सांसद आनंद मोहन ने मंत्री पद के बदले पैसे के लेन-देन का मुद्दा उठाकर जदयू को कटघरे में खड़ा किया था। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार की मजबूरी का फायदा उठाकर जदयू में थैली की राजनीति हो रही है। जिसने थैली पहुंचाया वो मंत्री बन गया। वहीं, अब प्रभात किरण ने सोशल मीडिया पर ललन सिंह, संजय झा और मुजफ्फरपुर के कद्दावर जेडीयू एमएलसी दिनेश सिंह की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें दिनेश सिंह नेताओं को एक बंद सूटकेस सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
प्रभात किरण ने अपने फेसबुक अकाउंट पर फोटो शेयर करते जेडीयू के शीर्ष नेतृत्व पर हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'ये है जनता दल यूनाइटेड की थैली की राजनीति का प्रमाण। गायघाट विधानसभा क्षेत्र से मेरा टिकट काट कर अपनी पुत्री को टिकट दिलाने के लिए थैली समर्पित करते मुजफ्फरपुर के तथाकथित मुख्यमंत्री। थैली की राजनीति कर जदयू के समर्पित कार्यकर्ताओं का गला रेतते चंगु मंगू गैंग।' प्रभात किरण का आरोप था कि जेडीयू एमएलसी दिनेश सिंह ने अपनी बेटी कोमल सिंह को गायघाट से टिकट दिलाने के लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को पैसों से भरा सूटकेस दिया है।
प्रभात किरण के इस पोस्ट के सामने आने के महज दो घंटे के भीतर गायघाट की जेडीयू विधायक कोमल सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने उसी स्थान और उसी समय की कई अन्य तस्वीरें सार्वजनिक कर दी, जिसने प्रभात किरण के आरोपों की हवा निकाल दी। कोमल सिंह द्वारा जारी की गई इस दूसरी तस्वीर में वह सूटकेस पूरी तरह खुला हुआ था और दिनेश सिंह के हाथों संजय झा को दिए जा रहे उस खुले सूटकेस के भीतर पैसे नहीं, बल्कि सम्मान स्वरूप दिया जाने वाला अंगवस्त्र साफ तौर पर दिखाई दे रहा था।
कोमल सिंह ने मर्यादा की सीमा याद दिलाते हुए फेसबुक पर लिखा, 'राजनीति में गिरने की भी एक सीमा होती है। आगे बढ़ने के लिए सही नीयत, नीतियों और सम्मानित जनता के बीच अपने कर्मों से पहचान बना कर लड़ने की क्षमता होनी चाहिए, ना कि किसी पर गलत और बेबुनियाद आरोप लगाकर गंदी और अमर्यादित राजनीति करनी चाहिए।'
विधायक कोमल सिंह ने इस पूरे मामले की क्रोनोलॉजी और वायरल फोटो के पीछे का सच बयां करते हुए बताया कि यह तस्वीर मुजफ्फरपुर में आयोजित एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मधुबनी में होने वाली जनसभा की तैयारियों के सिलसिले में एनडीए के शीर्ष नेता ललन सिंह, संजय झा, नितिन नवीन, श्रवण कुमार और सांसद देवेश चंद्र ठाकुर मुजफ्फरपुर आए हुए थे। नेताओं के सम्मान में एमएलसी दिनेश सिंह के आवास पर दोपहर के भोजन का आयोजन किया गया था।
कोमल सिंह ने स्पष्ट किया, 'मिथिला और बिहार में आदर के साथ विदाई देने की एक पुरानी संस्कृति है। शीर्ष नेताओं को सम्मान में पिताजी ने विदाई दी, जो आप इस पोस्ट और तस्वीर में स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। तस्वीर में साफ दिख रहा है कि वहां पर कई बड़े नेता उपस्थित हैं और ब्रीफकेस में विदाई का अंगवस्त्र है।' कोमल सिंह ने आगे कहा कि बहुत बुरा लगता है यह देख कर की विरोधी जब नियत, नीति और जनता को जितने में हारते है तो कितनी गंदी राजनीति का सहारा लेने लगते है।
खुले सूटकेस की तस्वीर सामने आने के बाद भी यह डिजिटल वॉर थमा नहीं है। प्रभात किरण ने कोमल सिंह की तस्वीर पर दोबारा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि जेडीयू विधायक ने अपने बचाव के लिए तुरंत एआई तकनीक से बनाई हुई फर्जी तस्वीर का सहारा लिया है और सूटकेस के भीतर कपड़े को एडिट करके डाला गया है।
दरअसल, इस पूरी 'सूटकेस पॉलिटिक्स' के पीछे गायघाट विधानसभा क्षेत्र की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता है। गायघाट से पांच बार विधायक रहे महेश्वर प्रसाद यादव 2025 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने बेटे प्रभात किरण के लिए यहां से टिकट की पैरवी कर रहे थे। वहीं दूसरी तरफ, लोजपा-आर की वैशाली सांसद वीणा सिंह और उनके पति एमएलसी दिनेश सिंह अपनी बेटी कोमल सिंह को चुनावी मैदान में उतारने के लिए पूरी सेटिंग करके बैठे थे।
सीट शेयरिंग में यह सीट जेडीयू के खाते में गई और पार्टी ने कोमल सिंह पर भरोसा जताया। टिकट न मिलने से नाराज होकर महेश्वर यादव अपने बेटे के साथ लालू यादव के पास चले गए और प्रभात किरण आरजेडी में शामिल हो गए।
Updated on:
21 May 2026 04:08 pm
Published on:
21 May 2026 04:06 pm
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