
मिल गया गोपाल मंडल का लापता बेटा
Gopal Mandal Son: बिहार के भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व जदयू (JDU) विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल के लापता बेटे तरुण कुमार नीरज को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। तरुण 48 घंटों से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता था। बरारी थाने की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामला दर्ज होने के महज 24 घंटे के भीतर यह बड़ी कामयाबी हासिल की। दिलचस्प बात यह है कि तरुण की बरामदगी किसी दूसरे शहर या राज्य से नहीं, बल्कि पूर्व विधायक के आवास से कुछ ही दूरी पर स्थित मुसहरी टोला हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, तरुण के गायब होने के पीछे कोई आपराधिक साजिश या अपहरण जैसी बात नहीं थी, बल्कि यह पूरा मामला पूरी तरह से पारिवारिक विवाद से जुड़ा हुआ है। 18 मई की शाम को तरुण कुमार नीरज का अपने छोटे भाई आशीष मंडल से किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हो गया था। भाई से बहस के बाद तरुण बिना किसी को कुछ बताए चुपचाप घर से बाहर निकल गया। घर छोड़ने के तुरंत बाद उसने अपना मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ कर लिया, जिसकी वजह से परिवार का उससे संपर्क पूरी तरह टूट गया और अनहोनी की आशंका बढ़ गई।
तरुण के अचानक इस तरह गायब होने और मोबाइल बंद होने से पूर्व विधायक गोपाल मंडल के घर और राजनीतिक हलके में हड़कंप मच गया। गोपाल मंडल और उनके सैकड़ों समर्थकों ने उसे ढूंढने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी। भागलपुर के अलावा पड़ोसी जिलों जैसे पूर्णिया (रुपौली, धमदाहा), कटिहार, नवगछिया, मुंगेर, कहलगांव और पीरपैंती जैसे कई इलाकों में समर्थकों की टोलियों ने सरगर्मी से खाक छानी। सभी करीबियों, दूर के रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहाँ भी कड़ियां जोड़ी गईं, लेकिन तरुण का कहीं कोई सुराग नहीं मिल रहा था।
जब तमाम कोशिशों के बाद भी तरुण का कोई पता नहीं चला, तब थक-हारकर परिजनों द्वारा भागलपुर के बरारी थाने में उसके लापता होने की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई। मामला राज्य के एक चर्चित और कद्दावर पूर्व विधायक से जुड़ा होने के कारण भागलपुर के एसएसपी ने तुरंत कड़ा एक्शन लिया। उन्होंने बरारी थानाध्यक्ष विकास कुमार और पुलिस की विशेष टेक्निकल सेल को एक संयुक्त टीम बनाकर जल्द से जल्द विधायक के बेटे की बरामदगी का टास्क सौंपा। पुलिस की टेक्निकल सेल ने मोबाइल के आखिरी एक्टिव लोकेशन, टावर डंप डेटा और स्थानीय खुफिया इनपुट के आधार पर जांच शुरू की।
भागलपुर पुलिस की टेक्निकल सेल ने तरुण को उसके अपने ही घर के पास स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी से सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह गुस्से में अपने ही एक परिचित के यहाँ मोबाइल बंद करके छिपा हुआ था। तरुण के सकुशल वापस लौटने और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद पूर्व विधायक के परिवार, उनके सैकड़ों समर्थकों और शुभचिंतकों ने बड़ी राहत की सांस ली है। पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तरुण को उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है।
Published on:
21 May 2026 01:59 pm
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