Sanjay Jha on Patna Coaching war: ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के संचालक रोशन आनंद ने जेडीयू (JDU) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा से मुलाकात की। इस मुलाकात पर संजय झा ने कहा कि नीतीश-सम्राट सरकार में कानून का राज सर्वोपरि है और चाहे कोई कितना भी बड़ा नाम क्यों न हो, गलत करने वाले पर सख्त कार्रवाई होगी।

Sanjay Jha on Khan Sir vs Roshan Anand: पटना के दो चर्चित कोचिंग संस्थानों के मालिक खान सर और रोशन आनंद का विवाद अब सियासी रंग ले चुका है। ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद ने जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा से इसी सिलसिले में गुरुवार को मुलाकात की। इस मुलाकात को लेकर संजय झा ने शुक्रवार को मीडिया के सामने सरकार का रुख साफ किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने साफ कहा, "चाहे कोई भी हो, जो भी गलत किया है कानून के मुताबिक उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
संजय झा ने साफ किया कि रोशन आनंद उनसे मिले थे और उन्हें सरकार की ओर से पूरा भरोसा दिलाया गया। जदयू सांसद ने कहा, "मुलाकात हुई और मैं सरकार की ओर से आपको यकीन दिलाता हूं कि जिसने भी गलत काम किया है, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मैं यह सिर्फ मीडिया में बयान देने के लिए नहीं कह रहा हूं, यह हमारी सरकार की नीति है। वो (रोशन आनंद) मुझसे मिलने आए थे और मैंने उन्हें यही बात साफ-साफ बताई।" संजय झा ने भरोसा दिलाया कि एनडीए सरकार में सभी को न्याय मिलेगा, बिना किसी भेदभाव के।
जांच में पक्षपात या एकतरफा कार्रवाई के आरोपों को खारिज करते हुए संजय झा ने पुलिस का समर्थन किया। उन्होंने कहा, "अगर FIR हुई है, तो वह पुलिस ने ही दर्ज की है। फायरिंग की घटना से जुड़ा जो वीडियो फुटेज सामने आया है, उसे भी पुलिस ने ही निकाला है। इसके लिए पुलिस तारीफ की हकदार है।" उन्होंने आगे कहा कि NDA सरकार में पुलिस कभी एकतरफा कार्रवाई नहीं करती। अगर कोई पक्ष अपनी बात रखना चाहता है, तो वे सीधे पुलिस से संपर्क कर सकते हैं और अपने तथ्य रख सकते हैं। उनकी बात पूरी निष्पक्षता से सुनी जाएगी और जो सही होगा वही होगा।
सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए संजय कुमार झा ने कहा, "पिछले 20 सालों में NDA सरकार का कामकाज खुद सब कुछ बयां करता है। नीतीश जी के 20 साल के कार्यकाल से लेकर सम्राट चौधरी जी के समय तक, एक भी ऐसा उदाहरण बताइए जब सरकार ने किसी ताकतवर या प्रभावशाली व्यक्ति को बचाया हो। कानून की नजर में सब बराबर हैं।"