
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव (Photo- Facebook)
Pappu Yadav on Patna coaching war: पटना के दो कोचिंग संस्थानों के मालिकों के बीच शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक मोड़ ले चुका है। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने मशहूर टीचर खान सर और ज्ञान बिंदु GS एकेडमी के डायरेक्टर रोशन आनंद के बीच चल रहे विवाद में एंट्री की है। जदयू के सीनियर नेता संजय झा और रोशन आनंद के बीच हाल ही में हुई मुलाकात पर पप्पू यादव ने हमला किया। उन्होंने इस पूरे मामले को कुछ लोगों द्वारा 'जातीय रंग' देने की एक साजिश करार दिया है।
JDU नेता संजय झा और रोशन आनंद के बीच हुई मुलाकात पर बिना नाम लिए तंज कसते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जिन लोगों ने मधुबनी में अपने पड़ोस में कभी यादव समुदाय के लोगों को नहीं देखा और जिन्होंने ऐतिहासिक रूप से यादवों के प्रति सबसे ज़्यादा नफ़रत रखी है, वे अचानक अपने राजनीतिक फायदे के लिए उनके हिमायती बन गए हैं।
पप्पू यादव ने कहा, "मैंने कभी खान सर को 'फैसल' नाम से नहीं बुलाया। मैं रोशन आनंद के परिवार को व्यक्तिगत रूप से जानता था और उनके पारिवारिक बैकग्राउंड से वाकिफ था, इसलिए मुझे पता था कि वह यादव परिवार से हैं। हालांकि, बाकी बिहार और यहां पढ़ने वाले लाखों छात्र उन्हें सिर्फ एक टीचर के तौर पर जानते थे, न कि यादव के तौर पर। कुछ यूट्यूबर, ब्लॉगर और अपना स्वार्थ साधने वाली राजनीतिक पार्टियां सोशल मीडिया पर नफ़रत की लकीरें खींचने और इस पवित्र रिश्ते को जातिवादी रंग देने की कोशिश कर रही हैं।"
पप्पू यादव ने कहा कि रोशन आनंद के भाई प्रिंस की दुखद मौत सिर्फ सरकार की गलत नीतियों और भ्रष्ट सिस्टम की वजह से हुई। उन्होंने रोशन आनंद को जेल भेजने के फैसले पर भी गंभीर सवाल उठाए। पप्पू यादव के मुताबिक, टीचर रोशन आनंद को जेल में डालने का कोई कानूनी या नैतिक आधार नहीं था। वह न तो उग्रवादी हैं, न आतंकवादी और न ही देश के दुश्मन। वो तो बिहार के एक बेहद प्रतिभाशाली, होनहार और सम्मानित शिक्षक हैं जो बच्चों का भविष्य संवारने के लिए समर्पित हैं। पप्पू यादव ने इस मामले की पूरी तरह निष्पक्ष और बिना किसी राजनीतिक दबाव के जांच की मांग की है।
बिहार के अरबों रुपये के कोचिंग उद्योग को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि बिहार और देश में केवल 10 से 30 प्रतिशत कोचिंग संस्थान ही अपनी ईमानदारी, काबिलियत और विश्व-स्तरीय शिक्षा के लिए सम्मान के पात्र हैं। बाकी बड़े संस्थान केवल सोशल मीडिया के प्रभाव, पैसे और ऊंची पहुंच के दम पर फल-फूल रहे हैं। आरोप लगाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत करके जो सिलेबस पढ़ते हैं या जो साधारण और किफायती कोचिंग सेंटरों में पढ़ाया जाता है वह अक्सर परीक्षा में आता ही नहीं है। इसके उलट, बड़े कोचिंग माफिया जो सवाल पढ़ाते हैं, वे सीधे परीक्षा के पेपर में आ जाते हैं।
वीडियो में भावुक दिख रहे पप्पू यादव ने हाथ जोड़ते हुए रोशन आनंद से गंदे राजनीतिक जाल से दूर रहने का आग्रह किया और इस विवाद को खत्म करने की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, "आप एक ज्ञानी व्यक्ति हैं, आपके सामने मैं कुछ नहीं हूं। लेकिन एक बड़े भाई, पिता तुल्य व्यक्ति और सच्चे दोस्त के तौर पर मैं आपसे विनती करता हूं कि इस विवाद को यहीं खत्म कर दें। कुछ स्वार्थी राजनेता आपके और उनके बीच झगड़ा भड़का रहे हैं और अपनी गंदी राजनीति के लिए आपका इस्तेमाल कर रहे हैं। कृपया, बिहार के समाज और लाखों बच्चों के भविष्य के लिए, इस मुद्दे को यहीं खत्म कर दें।"
पप्पू यादव ने यादव समुदाय के युवाओं और छात्रों से भी हाथ जोड़कर अपील की कि वे किसी भी जाति के नेताओं, मुख्यमंत्रियों या मंत्रियों के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपशब्द न कहें और न ही चुनौती दें। पप्पू यादव ने युवाओं को सलाह दी कि वे इन नेताओं के बांटने वाले एजेंडे का शिकार न बनें, चाहे वह हिंदू-मुस्लिम के आधार पर हो या जातिवाद पर, बल्कि शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन करें और आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
Published on:
18 Jun 2026 06:56 pm
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