
तलाशी लेती SVU की टीम
Bihar Tender Scam: बिहार टेंडर घोटाले की जांच के सिलसिले में स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। राजधानी पटना के तीन VIP इलाकों में विजिलेंस की अलग-अलग टीमों ने एक साथ छापेमारी की, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया। इस कार्रवाई में दो सीनियर IAS अधिकारियों योगेश सागर और अभिलाषा कुमारी शर्मा के साथ-साथ एक प्राइवेट इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के डायरेक्टर के ठिकानों को निशाना बनाया गया। सरकारी कॉन्ट्रैक्ट और टेंडर देने में हुई वित्तीय और प्रक्रिया से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच तेज होने के बीच विजिलेंस यूनिट की इस कार्रवाई को बहुत अहम माना जा रहा है।
शुक्रवार सुबह विजिलेंस की विशेष टीमों ने पूरी गोपनीयता के साथ तीन जगहों पर एक साथ छापेमारी की। पहली टीम पटना के गर्दनीबाग इलाके के IAS कॉलोनी में मौजूद मकान नंबर E-2/10 में दाखिल हुई, जो सीनियर IAS अधिकारी योगेश सागर का निजी घर है। वहीं, दूसरी टीम ने पटना के नेहरू पथ (बेली रोड) पर स्थित IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा के घर को घेरा और वहां बारीकी से तलाशी ली। इसी समय तीसरी टीम बेउर की SK विहार कॉलोनी पहुंची। यह टीम पवन कुमार के घर की तलाशी ले रही है, जो मातृसेवा इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कंपनी डायरेक्टर हैं।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, इन छापों का मुख्य मकसद टेंडर देने, प्रशासनिक मंज़ूरी और अधिकारियों व प्राइवेट कंपनियों के बीच संदिग्ध मिलीभगत से जुड़े गैर-कानूनी लेन-देन के पक्के सबूत जुटाना है। तलाशी के दौरान, जांच टीम वित्तीय दस्तावेज़ों, बैंक रिकॉर्ड और रियल एस्टेट से जुड़ी फाइलों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने अभी तक किसी भी बरामदगी की जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। उनका कहना है कि ज़ब्त की गई सामग्री की जानकारी कार्रवाई पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
बिहार टेंडर घोटाले में कई अधिकारियों और ठेकेदारों ने गैर-कानूनी तरीके से कमीशन कमाया और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड रिशु श्री को माना जाता है। उसने अपनी पसंद की कंपनियों को टेंडर दिलाने के लिए अधिकारियों के साथ अपने सीधे संपर्कों का इस्तेमाल किया। रिशु श्री ने अधिकारियों की मिलीभगत से टेंडर की पात्रता शर्तों में हेरफेर की, ताकि दौड़ में केवल कुछ चुनिंदा कंपनियां ही बनी रहें। इसके अलावा, नियमों का उल्लंघन करते हुए, टेंडर तो एक कंपनी को दिया गया, लेकिन असल काम बाद में सबलेटिंग के ज़रिए रिशु श्री से जुड़ी फर्मों ने किया।
Updated on:
19 Jun 2026 10:46 am
Published on:
19 Jun 2026 10:29 am
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