जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नीतीश कुमार के दो दशक के कार्यकाल को बिहार के पुनर्जागरण का दौर बताया है। उन्होंने एक पोस्ट के जरिए बताया कि कैसे नीतीश कुमार ने बिहार को अंधकार से बाहर निकाला और उसकी गरिमा को बहाल किया।
नीतीश कुमार आज बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने वाले हैं। लेकिन सीएम के इस्तीफा देने से पहले उनके सबसे भरोसेमंद साथियों में से एक और जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा और भावुक संदेश साझा किया। इस पोस्ट के जरिए उन्होंने पिछले 20 सालों में नीतीश कुमार के कार्यकाल को एक ऐसी यात्रा के तौर पर बताया, जिसने बिहार को अंधेरे से निकालकर रोशनी की ओर लाया।
अपनी पोस्ट में संजय झा ने लिखा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में पिछले दो दशक न सिर्फ बिहार को स्थिरता देने वाले रहे हैं, बल्कि उन्होंने बिहार को बेहतर तरीके से बदला भी है। उन्होंने कहा, 'माननीय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने नेतृत्व में बिहार को निराशा और अंधेरे के दौर से बाहर निकाला और उसे विकास, सुशासन और भरोसे के रास्ते पर आगे बढ़ाया।' संजय झा ने आगे कहा कि 2005 से पहले बिहार जिस पहचान के संकट से जूझ रहा था, उसे नीतीश कुमार ने अपनी प्रशासनिक सूझबूझ से प्रभावी ढंग से हल किया।
अपनी पोस्ट में संजय झा ने उन बातों का भी जिक्र किया जिन पर 'नीतीश मॉडल' टिका हुआ है। उन्होंने लिखा कि कानून व्यवस्था को बहाल करने से लेकर सड़क, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तक, हर चीज नीतीश कुमार की सबसे बड़ी विरासत है। इसके अलावा, महिला सशक्तिकरण, शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय के क्षेत्रों में उठाए गए कदमों ने बिहार की वैश्विक पहचान को एक नई दिशा दी है।
नीतीश कुमार के व्यक्तित्व पर रोशनी डालते हुए संजय झा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री की कुर्सी को कभी भी महज लक्ष्य पाने के साधन के तौर पर नहीं देखा, बल्कि हमेशा इसे सेवा का माध्यम माना। यही वजह है कि आज जब वे अपने पद से हट रहे हैं, तब भी उनके राजनीतिक विरोधी भी उनके प्रशासनिक अनुशासन को स्वीकार करते हैं और उसका सम्मान करते हैं।
संजय झा ने अपने संदेश में जो सबसे अहम बात कही है, उससे राज्य की राजनीति के भविष्य की एक झलक मिलती है। उन्होंने लिखा, 'आज भले ही एक पद का अध्याय पूरा हो रहा है, लेकिन उनका मार्गदर्शन और दृष्टि आगे भी बिहार के विकास की दिशा तय करती रहेगी।' उनके इस बयान से यह साफ है कि भले ही अब बिहार में BJP का मुख्यमंत्री हो, लेकिन NDA सरकार के पीछे असली दूरदृष्टि वाली ताकत'नीतीश कुमार ही बने रहेंगे। संजय झा ने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, 'एक अध्याय समाप्त हो गया है, लेकिन सफर जारी है।'