पटना

तेज प्रताप यादव का तेजस्वी पर सीधा हमला, कहा- ‘वो जननायक नहीं, पिता की छत्रछाया में हैं, अपने बूते कुछ कर दिखाएं तब मानूंगा’

तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा है कि तेजस्वी जननायक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी अपने पिता लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में रहकर राजनीति कर रहे हैं और अपने बलबूते पर कुछ कर दिखाएं, तभी वे उन्हें मानेंगे।
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Oct 28, 2025
Tej Pratap Yadav
तेज प्रताप यादव Photo-IANS)

बिहार की सियासत में फिर एक बार लालू परिवार सुर्खियों में है। जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख और लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव पर खुलकर निशाना साधा है। तेज प्रताप ने न सिर्फ खुद को लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया से अलग बताया, बल्कि तेजस्वी को जननायक मानने से भी इनकार कर दिया। तेज प्रताप ने कहा कि तेजस्वी अभी जननायक नहीं हैं। वे पिता लालू प्रसाद यादव की छत्रछाया में राजनीति कर रहे हैं। अगर वे अपने बूते कुछ कर दिखाते हैं, तभी उन्हें जननायक माना जा सकता है।

तेज प्रताप यादव का सीधा वार

तेज प्रताप यादव ने जननायक शब्द की परिभाषा बताते हुए तेजस्वी को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को जननायक कहते हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। तेज प्रताप यादव ने कहा, “तेजस्वी यादव अभी जननायक नहीं हैं। जननायक तो कर्पूरी ठाकुर, लोहिया, अंबेडकर और महात्मा गांधी जैसे लोग थे। उन्होंने समाज और देश के लिए काम किया, इसलिए उन्हें जननायक कहा जाता है।"

तेज प्रताप ने आगे कहा, " तेजस्वी अभी पिता की छत्रछाया में हैं। जब अपने दम पर जनता का भरोसा जीतेंगे, तब मैं भी मानूंगा कि वे जननायक हैं।” उन्होंने आगे कहा कि लालू प्रसाद यादव की विरासत का फायदा उठाकर राजनीति करना आसान है, लेकिन असली जननायक वही होता है जो अपने संघर्ष और विचारों से जनता के बीच जगह बनाए।

मैं RJD में नहीं हूं, ना कभी जाऊंगा

तेज प्रताप ने यह भी कहा कि अब वे RJD में नहीं हैं और ना ही भविष्य में रहेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अब स्वतंत्र हूं। किसी पार्टी में नहीं हूं। RJD में जो कुछ भी हो रहा है, वह जनता देख रही है। अब मैं अपने दम पर राजनीति करूंगा, जनता के लिए काम करूंगा।”

जनता की राजनीति करूंगा- तेज प्रताप

तेज प्रताप ने अपने बयान में कहा कि अब वे जनता से सीधे संवाद करेंगे, “लालू जी जननायक थे, लेकिन आज वह राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को मार्गदर्शन देते हैं। मुझे वह मार्गदर्शन नहीं मिलता। मेरा मार्गदर्शन बिहार के गरीबों और युवाओं से आता है। मैंने लालूजी से सीखा है कि जनता से बड़ा कोई नहीं। मैं जनता के बीच जाऊंगा, गरीबों के लिए काम करूंगा। जो मुझे जननायक बनाएगी, वही जनता होगी।” तेज प्रताप पहले भी कई बार यह इशारा दे चुके हैं कि वे पर्यावरण, शिक्षा और युवाओं के मुद्दे पर अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाना चाहते हैं।

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