Bihar Politics: प्रशांत किशोर और तेजप्रताप यादव की मुलाकात के बाद बिहार का सियासी तापमान बढ़ गया है। इस मुलाकात का वीडियो साझा करते हुए तेजप्रताप यादव ने लिखा कि वे इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन का एक अहम अनुभव मानते हैं, जिसने उनकी सकारात्मक सोच और जनसेवा के प्रति उनके संकल्प को और मजबूत किया है।
Bihar Politics: आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव और प्रशांत किशोर की मुलाकात के बाद बिहार के राजनीतिक गलियारों में नए सियासी समीकरणों की चर्चा तेज हो गई है। तेज प्रताप यादव ने इस मुलाकात से जुड़ा वीडियो अपने एक्स अकाउंट पर साझा किया है।
प्रशांत किशोर और तेजप्रताप यादव एक वीडियो में गर्मजोशी से हाथ मिलाते नजर आ रहे हैं। वीडियो साझा करते हुए तेजप्रताप यादव ने लिखा, “आज का दिन राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण रहा। मेरी मुलाकात प्रशांत किशोर से हुई, जहां हमने जनहित और भविष्य की राजनीति को लेकर गहन चर्चा की। इस दौरान जनता की अपेक्षाओं और बदलते राजनीतिक समीकरणों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।
यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें कई ऐसे मुद्दों पर बातचीत हुई, जो आने वाले समय में राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं। मैं इस संवाद को अपने राजनीतिक जीवन के एक अहम अनुभव के रूप में देखता हूं, जिसने सकारात्मक सोच और जनसेवा के प्रति मेरे संकल्प को और मजबूत किया है।” तेजप्रताप यादव ने अपने इस पोस्ट में अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव, बिहार के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी टैग किया है।
इसके बाद बिहार में सियासी पारा और चढ़ गया है। चर्चा तेज हो गई है कि लंबे समय से एनडीए गठबंधन से दूरी बनाए हुए तेजप्रताप यादव क्या अब प्रशांत किशोर के साथ मिलकर अपनी नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे। हालांकि, जेडीयू सुप्रीमो तेजप्रताप यादव और प्रशांत किशोर दोनों ने इस मुलाकात को औपचारिक बताया है, लेकिन तेजप्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट साझा कर साफ किया कि यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात नहीं थी। वहीं, राजनीतिक विश्लेषक भी इस मुलाकात को बिहार में उभरते नए राजनीतिक समीकरणों और भविष्य की राजनीति से जोड़कर देख रहे हैं।
आरजेडी और लालू परिवार से अलग होने के बाद तेजप्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी बनाकर बिहार में नई राजनीतिक पारी शुरू की। हालांकि, 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली और वे खुद भी चुनाव हार गए। इसके बाद वे एनडीए के साथ गठबंधन कर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश में थे। इसी बीच प्रशांत किशोर से उनकी मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या वे अब पीके के साथ मिलकर बिहार में नई राजनीतिक पारी की शुरुआत करेंगे। हालांकि, इस मुद्दे पर दोनों में से किसी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।