Bihar By Election: भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव के नतीजों ने बिहार की राजनीति में एक नई हलचल मचा दी है। इस सीट पर मिली जीत से राजद में जबरदस्त उत्साह का माहौल है। इस जीत को बैलेट पेपर की जीत बताते हुए तेजस्वी यादव ने एक बार फिर EVM पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Bihar By Election: बिहार की भोजपुर-बक्सर स्थानीय प्राधिकार एमएलसी सीट पर हुए उपचुनाव में राजद प्रत्याशी ने जेडीयू उम्मीदवार को शिकस्त दी है। राजद प्रत्याशी सोनू कुमार राय ने एनडीए उम्मीदवार कन्हैया प्रसाद को 350 से अधिक मतों के अंतर से हराकर यह सीट अपने नाम कर ली। इस जीत के साथ ही राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने एनडीए के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने यह दावा किया है कि जहां मशीन का हस्तक्षेप नहीं होता, वहां जनता का असली फैसला राजद के पक्ष में ही आता है।
यह सीट पहले जेडीयू के राधाचरण साह के पास थी। उनके विधायक बनने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिस पर जेडीयू ने उनके बेटे कन्हैया प्रसाद को उम्मीदवार बनाया था। माना जा रहा था कि अपने पिता के प्रभाव के चलते कन्हैया यह सीट निकाल लेंगे, लेकिन राजद के सोनू राय ने शानदार प्रदर्शन करते हुए यह सीट जेडीयू से छीन ली। तेजस्वी यादव ने इस जीत के बाद कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को बधाई देते हुए कहा कि यह जीत धनबल और छल के खिलाफ आम जनता की जीत है।
जीत से गदगद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने एक बार फिर ईवीएम बनाम बैलेट पेपर की बहस को हवा दे दी है। उन्होंने कहा, 'भोजपुर-बक्सर MLC उपचुनाव में राजद प्रत्याशी सोनू राय ने NDA उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है। राजद प्रत्याशी के जीतने पर सभी कार्यकर्ताओं, मतदाताओं और नेताओं को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद। हम शुरू से कह रहे हैं कि अगर आज देश और प्रदेश में मशीन की बजाय बैलेट पेपर यानि मतपत्र से चुनाव हो, तो भाजपा और एनडीए कहीं टिकने वाले नहीं हैं।' उन्होंने इस उपचुनाव के नतीजों को लोकतंत्र की पारदर्शिता के लिए एक बड़ा उदाहरण बताया।
तेजस्वी यादव ने पिछले विधानसभा चुनाव की याद दिलाते हुए एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में पोस्टल बैलेट पेपर में महागठबंधन 150 से अधिक सीटें जीत रही थी, लेकिन सत्ता के रसूख और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर हरा दिया गया। उन्होंने कहा, 'तंत्र-यंत्र-षड्यंत्र और छल-कपट से हमें रोका गया था, लेकिन जहां बैलेट की बात आती है, वहां नतीजे हमारी जीत का गवाह बनते हैं।'
ईवीएम के पक्ष में दिए जाने वाले समय की बचत के तर्क पर तेजस्वी ने तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि आज भी ईवीएम की मतगणना में देर रात 1 या 2 बज जाते हैं। पहले भी मतपत्रों की गिनती में इतना ही समय लगता था। तेजस्वी ने सवाल किया, 'जब मतगणना के समय में कोई विशेष अंतर नहीं है, तो फिर लोकतांत्रिक पारदर्शिता और जनविश्वास को बनाए रखने के लिए ईवीएम की जगह बैलेट पेपर का ही उपयोग क्यों नहीं किया जाता?'