
विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण करते पप्पू यादव (फोटो- फेसबुक )
Pappu Yadav on Vikramshila Setu:बिहार के भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में गिर जाने के बाद से पुल पर यातायात पूरी तरह से ठप है। लोग नाव के सहारे नदी पार करने को मजबूर हैं। इसी संकट के बीच गुरुवार को पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव क्षतिग्रस्त पुल का जायजा लेने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल सरकार की कार्यकुशलता पर सवाल उठाए, बल्कि पुल के आसपास सक्रिय 'नाव माफिया' और जनता की लूट को लेकर भी प्रशासन को आड़े हाथों लिया।
पप्पू यादव ने निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत में विकास की रफ्तार पर तंज कसते हुए कहा, "चीन में तकनीक इतनी उन्नत है कि वहां 1 दिन में पुल का निर्माण कर लिया जाता है, लेकिन हमारे बिहार की स्थिति यह है कि 15 दिन बीत जाने के बाद भी हम पुल का एक पाया तक दुरुस्त नहीं कर सके।' उन्होंने आरोप लगाया कि पुल की मरम्मत में जानबूझकर देरी की जा रही है, जो पूरी तरह से सरकार की नाकामी है।
सांसद ने स्थानीय स्तर पर हो रही अवैध वसूली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुल टूटने का फायदा नाव माफिया उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक बच्चे से नाव पार कराने के नाम पर 100 रुपये वसूले जा रहे हैं। नाव माफिया आम जनता से 300 रुपये तक की उगाही कर रहे हैं। शाम 5 बजे के बाद छात्रों के लिए कोई नाव उपलब्ध नहीं होती, जिससे उनकी पढ़ाई और सुरक्षा पर संकट खड़ा हो गया है। पप्पू यादव ने सरकार से पूछा कि क्या खजाने में इतने पैसे भी नहीं हैं कि गंगा पार करने के लिए नाव और स्टीमर सेवा को पूरी तरह मुफ्त कर दिया जाए।
पप्पू यादव ने दावा किया कि विक्रमशिला सेतु की जर्जर स्थिति को लेकर उन्होंने कई बार लोकसभा में सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि पुल पहले से ही खतरनाक स्थिति में था और इसकी जानकारी विभाग को दी गई थी। सरकार चुनाव में करोड़ों रुपये पानी की तरह बहा देती है, लेकिन जनता की सुरक्षा से जुड़े इस पुल की मरम्मत समय पर नहीं करवाई गई। उन्होंने मांग की कि अगर बिहार सरकार से मरम्मत नहीं हो पा रही है, तो तत्काल भारतीय सेना के इंजीनियरिंग कोर को जिम्मेदारी सौंपी जाए।
प्रशासनिक सुस्ती को देखते हुए पप्पू यादव ने मौके पर ही राहत की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब तक पुल ठीक नहीं हो जाता, वे अपनी ओर से 5 नावों का मुफ्त परिचालन करवाएंगे ताकि गरीब छात्रों, दूध व्यापारियों और आम लोगों को माफियाओं की लूट से बचाया जा सके। उन्होंने मांग की कि सरकार कम से कम दोनों घाटों पर 10 बड़े स्टीमर मुफ्त में चलाए।
सांसद ने बताया कि पुल बंद होने से भागलपुर और नवगछिया के बीच व्यापार पूरी तरह ठप हो गया है। दूध के वाहन जाम में फंसे हैं जिससे दूध फट रहा है और सब्जियां मंडियों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। वहीं, होटलों में रुकने वाले यात्रियों से हजार-हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। उन्होंने दोषियों और पुल निर्माण कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
Published on:
14 May 2026 04:32 pm
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