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NEET मामले में RJD का राष्ट्रीय सचिव गिरफ्तार, MBBS सीट दिलाने की देता था गारंटी; जानें कौन है संतोष जायसवाल?

NEET Paper Leak: नीट मामले में दिल्ली पुलिस ने राजद के राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। संतोष जायसवाल को इस गिरोह का मास्टरमाइंड बताया गया है, जो मेडिकल कॉलेजों में MBBS सीट दिलाने की गारंटी देता था।

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पटना

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Anand Shekhar

May 14, 2026

neet paper leak

तेजस्वी यादव के साथ संतोष जायसवाल की पुरानी फोटो

NEET Paper Leak: NEET परीक्षा को लेकर देशभर में मचे हंगामे के बीच दिल्ली पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो छात्रों और उनके माता-पिता को 20-30 लाख रुपये की रकम के बदले मेडिकल सीटों की गारंटी देता था। कथित तौर पर इस गिरोह का सरगना RJD (राष्ट्रीय जनता दल) का राष्ट्रीय सचिव संतोष कुमार जायसवाल है। पुलिस ने जायसवाल के साथ-साथ चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जिनमें एक डॉक्टर भी शामिल है।

कौन है संतोष जायसवाल?

नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार संतोष कुमार जायसवाल बिहार की राजनीति का एक उभरता हुआ चेहरा माने जाते रहे हैं।संतोष जायसवाल मूल रूप से बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले के घोड़ासहन के रहने वाले हैं। वे वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय सचिव के पद पर हैं और उन्हें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव का काफी करीबी माना जाता रहा है।

बताया जा रहा है कि संतोष जायसवाल रक्सौल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे और इसके लिए क्षेत्र में काफी सक्रिय थे। संतोष जायसवाल का दिल्ली में दवाओं का बड़ा कारोबार है और वे बिहार में एक पैथोलॉजी लैब भी चलाते थे। उनके परिवार के अन्य सदस्य भी अच्छे पदों पर कार्यरत हैं, उनका एक भाई बैंक में काम करता है।

सूरत से मिली जानकारी ने से हुआ पर्दाफाश

इस मामले का खुलासा तब हुआ जब दिल्ली पुलिस को 2 मई को सूरत पुलिस से एक गुप्त सूचना मिली। इस जानकारी से पता चला कि दिल्ली में एक सक्रिय गिरोह NEET परीक्षा के जरिए मेडिकल कॉलेजों में दाखिला दिलाने का दावा कर रहा था। इस जानकारी पर कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी की मदद से महिपालपुर एक्सटेंशन इलाके के कई होटलों में छापेमारी की।

18 छात्रों को बचाया गया

3 मई को नीट की परीक्षा से पहले पुलिस ने गाजियाबाद के एक फ्लैट और महिपालपुर के अलग-अलग होटलों से कुल 18 छात्रों कोसुरक्षित बाहर निकाला, जिनमें से कई नाबालिग भी थे। जांच में पता चला कि आरोपियों ने इन छात्रों को उनके माता-पिता से अलग कर दिया था, उन्हें किसी अज्ञात जगह पर रखा था। छात्रों को असली प्रश्न पत्र देने का वादा किया गया था। आरोपियों ने पिछले वर्षों के स्टडी मटेरियल और कोचिंग नोट्स का इस्तेमाल कर 149 पन्नों का एक फर्जी प्रश्न पत्र तैयार किया था। इसी फर्जी पेपर को असली बताकर रटाया जा रहा था।