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पहले करवाता एक्सीडेंट, फिर धमकाकर लिखवा लेता जमीन! बिहार के संतोष डॉन के क्राइम मॉडल का खुलासा

Bihar Police Action on Land Mafia Santosh Don: बिहार पुलिस की कार्रवाई में जमीन माफिया संतोष डॉन के क्राइम मॉडल का पर्दाफाश किया है। संतोष डॉन पहले कीमती जमीनों के मालिकों की गाड़ियों से एक्सीडेंट करवाता था, फिर उसी हादसे का खौफ दिखाकर जबरन उनकी जमीनें हड़प लेता था।
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पटना

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Anand Shekhar

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Updated: 14 Jun 2026, 7:06 AM IST

EOU STF Raid at land mafia santosh don bihar

जमीन माफिया संतोष कुमार यादव उर्फ संतोष डॉन (Photo- sintu bhai yadav instagram)

Land Mafia Santosh Don: बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट (EOU) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के एक जॉइंट ऑपरेशन ने कुख्यात लैंड माफिया संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार यादव उर्फ संतोष डॉन के साम्राज्य को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। पुलिस और EOU ने संतोष डॉन और उसके साथियों से जुड़ी 25 अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की, जिसके दौरान उसके अपराध करने के तरीकों के बारे में जानकारी सामने आई।

सड़क हादसे का स्वांग रचकर हड़प लेता जमीनें

संतोष डॉन का जमीन कब्जा करने का तरीका आम अपराधियों से बिल्कुल अलग है। वह जिस भी जमीन पर नजर डालता, उसके मालिक को सीधे धमकाने के बजाय एक साजिश रचता। संतोष डॉन के गुर्गे सोची-समझी साजिश के तहत पहले उस जमीन मालिक का एक्सीडेंट करवा देते थे। इसके बाद घायल जमीन मालिक और उसके परिवार के बीच खौफ का ऐसा माहौल बनाया जाता था जैसे वह हादसा संतोष डॉन ने ही करवाया हो। फिर इसी एक्सीडेंट का स्वांग रचते हुए, पीड़ित परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती थी और डर के मारे वे अपनी महंगी से महंगी जमीन कौड़ियों के भाव संतोष डॉन के नाम लिख देते थे।

7 कट्ठा पैतृक जमीन से खड़ा किया 11.50 करोड़ का साम्राज्य

आर्थिक अपराध इकाई की जांच में यह बात सामने आई है कि साल 2015 से पहले संतोष डॉन के पास पैतृक संपत्ति के रूप में मात्र 7 कट्ठा जमीन थी। लेकिन साल 2015 में अपराध जगत में कदम रखने के बाद उसने अपना एक संगठित गिरोह तैयार किया। पिछले 11 वर्षों में रंगदारी, लूट, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और बलपूर्वक जमीन कब्जाने के खेल से उसने अकूत काली कमाई की। EOU के मुताबिक संतोष डॉन के पास 11 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल संपत्ति है।

मां, पत्नी, भाई और सास… सबके नाम पर खरीदी प्रॉपर्टी

कानून से बचने के लिए संतोष डॉन ने गैर-कानूनी कमाई से खरीदी गई संपत्ति अपने रिश्तेदारों और गैंग के सदस्यों के नाम पर रजिस्टर करवाई थी। नालंदा और पटना के अलग-अलग रजिस्ट्रेशन ऑफिस में उसके अपने नाम पर 22 संपत्तियां रजिस्टर्ड हैं, जिनकी सरकारी कीमत 4.33 करोड़ से ज़्यादा है। उसने अपनी मां लालती देवी के नाम पर 3.35 करोड़ की 23 संपत्तियां और अपनी पत्नी अंजू देवी के नाम पर 1.30 करोड़ की 9 संपत्तियां खरीदी थीं।

संतोष डॉन ने अपनी सास मनी देवी के नाम पर 83.45 लाख की संपत्ति और अपने भाई बाल्मीकि यादव और भाभी रिंकू देवी के नाम पर 1.15 करोड़ की संपत्ति रजिस्टर करवाई थी। इसके अलावा अपराध में साथ देने वाले गुर्गे जैसे मिक्कू कुमार, कर्मवीर, रोशन कुमार और रंजीत सिंह के नाम पर भी 1.19 करोड़ की 17 संपत्तियां रजिस्टर्ड पाई गई।

छापेमारी में 25 लाख से अधिक कैश और लग्जरी गाड़ियां जब्त

शनिवार को पटना, नालंदा और वैशाली जिलों में एक साथ की गई इस छापेमारी में EOU और STF को बड़ी सफलता हाथ लगी है। संतोष डॉन के नालंदा स्थित खिदरचक घर से 5 लाख 60 हजार रुपये नगद, एक फॉर्च्यूनर कार, एक स्कॉर्पियो गाड़ी और एक महिंद्रा जीप जब्त की गई। वहीं, उसके सिंडिकेट के सदस्य दिलीप कुमार के पचरुखिया (पटना) स्थित ठिकाने से सबसे ज्यादा 15 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा सत्यप्रकाश के घर से 2 लाख रुपये और रंजीत सिंह के घर से 3 लाख 97 हजार रुपये कैश समेत भारी मात्रा में जमीन के मूल कागजात और आपसी एग्रीमेंट के दस्तावेज बरामद हुए हैं।

30 संगीन मामलों का आरोपी है डॉन, 4 गुर्गे गिरफ्तार

संतोष डॉन का आपराधिक इतिहास बेहद लंबा है। उसके खिलाफ पटना के फतुहा, खुसरूपुर और नालंदा के भागनबिगहा, सोहसराय, रहुई समेत विभिन्न थानों में कुल 30 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या का प्रयास, रंगदारी, लूटपाट, जालसाजी और आर्म्स एक्ट जैसी संगीन धाराएं शामिल हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों राकेश साहू, रंजीत सिंह, शशिभूषण कुमार और रवींद्र कुमार को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।

अपराध की कमाई कुर्क करने की पहल के तहत एक्शन

EOU के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई बिहार पुलिस की उस 'नयी पहल' के तहत की जा रही है, जिसके अंतर्गत संगठित अपराधियों द्वारा भय और आतंक के बल पर बनाई गई संपत्तियों को पूरी तरह से कुर्क (जब्त) कर सरकारी खजाने में मिला लिया जाता है। संतोष डॉन और उसके गिरोह में शामिल कुल 26 अपराधियों के खिलाफ हाल ही में फतुहा थाना (कांड संख्या 111/25) और रहुई थाना (कांड संख्या 111/26) में नए सिरे से प्राथमिकी दर्ज की गई है।