Bihar Politics: तेजस्वी यादव की बैठक पर रोहिणी ने कहा "समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म-मंथन ' करने और जिम्मेदारी लेने की है।
Bihar Politics: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) विदेश दौरा के बाद शुक्रवार को अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाते हुए सरकारी आवास पर आरजेडी कोर कमेटी की मीटिंग की। उनकी इस मीटिंग में बजट सत्र पर विस्तार से चर्चा हुई। तेजस्वी की बैठक पर रोहिणी ने बिना नाम लिए भाई पर एक बार फिर से निशाना साधा। रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी की मीटिंग को 'दिखावा' करार दिया।
रोहिणी (Rohini Acharya) ने अपने सोशल साइट एक्स पर लिखा- "समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी 'खुद' आत्म-मंथन ' करने और जिम्मेदारी लेने की है, 'अपने' इर्द-गिर्द कब्जा जमाए बैठे चिह्नित 'गिद्धों' को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी। ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती-समझती ही है। रोहिणी ने अपने इस ट्वीट में तेजस्वी के सिपहसलारों पर भी तंज कसा है। रोहिणी ने इससे पहले भी तेजस्वी यादव पर हमला कर चुकी हैं। कुछ दिन पहले ही उन्होंने अपने ट्वीट से बिहार का सियासी पारा बढ़ा दिया था। रोहिणी आचार्य ने 10 जनवरी के पोस्ट में लिखा था कि बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई "बड़ी विरासत" को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, "अपने" और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी "नए बने अपने" ही काफी होते हैं।
दरअसल, आरजेडी की ओर से शुक्रवार को बजट सत्र की रणनीति तय करने के लिए संसदीय दल की बैठक बुलाई गई थी। विदेश दौरे से तेजस्वी यादव के लौटने के बाद हुई इस बैठक में पार्टी के सभी लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल हुए। आरजेडी की इस बैठक में तय हुआ कि संसद सत्र में पार्टी बिहार से जुड़े मुद्दों को जोरदार तरीके से सदन में उठाने का काम करेगी। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली। बैठक में संसद के बजट सत्र में बिहार से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को मजबूती से उठाने और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा की मांग को लेकर पार्टी की रणनीति पर भी चर्चा हुई। संसद के दोनों सदनों में इन मांगों को एकजुटता के साथ उठाने पर सहमति बनी। तेजस्वी यादव की प्रस्तावित यात्रा और संगठनात्मक विस्तार को लेकर भी पार्टी की बैठक में चर्चा हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि शनिवार को पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओं की बैठक होगी। जिसमें विस चुनाव में मिली हार के कारणों की समीक्षा होगी।