
नितिन नबीन के साथ उपेंद्र कुशवाहा के विधायक रामेश्वर महतो
Bihar Politics: मकर संक्रांति का दही-चूड़ा भोज के साथ ही बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसकी एक बानगी शुक्रवार को दिखी। उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्टीय लोक मोर्चा ( आरएलएम) के विधायक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के चूड़ा दही भोज में शामिल हुए। राष्टीय लोक मोर्चा(आरएलएम) का लिट्टी चोखा पार्टी में ये नहीं गए थे। इसको लेकर इस बात की चर्चा तेज हो गई कि बिहार की राजनीति में चूड़ा दही भोज के बाद खिचड़ी पकना शुरू हो गया है। खिचड़ी को तैयार होने में अब जो भी समय लगे।
बिहार में मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी को मनाई गयी। लेकिन, चूड़ा दही का सियासी भोज 12 जनवरी से शुरू हो गया था। जो कि शुक्रवार 16 जनवरी तक चला। 16 जनवरी को दही चूड़ा भोज के साथ राजनीति खिचड़ी भी पकने लगी। राजनीति खिचड़ी की शुक्रवार को जो तस्वीर सामने आयी वह उपेंद्र कुशवाहा का टेंशन बढ़ाने वाला रहा।
दरअसल, बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने शुक्रवार को पटना में दही चूड़ा भोज का आयोजन किया। नितिन नबीन की ओर से इस प्रकार प्रतिवर्ष आयोजन किया जाता रहा है। लेकिन, इस बार की चूड़ा दही भोज से एक ऐसी तस्वीर निकलकर सामने आई जिससे बिहार का राजनीतिक तापमान के साथ साथ उपेंद्र कुशवाहा का टेंशन भी बढ़ा दिया।
उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी के विधायक नितिन नबीन के इस भोज में दिखे। ये वही विधायक थे जो कि अपनी पार्टी के सुप्रीमो की लिट्टी चोखा पार्टी से गायब थे। 25 दिसम्बर को बड़ा दिन पर कुशवाहा ने पटना में अपने आवास पर लिट्टी चोखा पार्टी रखी थी। लेकिन, रालोमो के विधायक पटना से दिल्ली चले गए थे। वहां जाकर नितिन नबीन से मुलाकात की और फोटो शेयर किया। उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी जनों ने एक बार फिर वही काम किया। नितिन नबीन के साथ चूड़ा दही खाया और फेसबुक पर फोटो शेयर कर कई लोगों की टेंशन बढ़ा दी।
रामेश्वर महतो ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- "आज भारतीय जनता पार्टी के माननीय राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन जी द्वारा उनके आवास पर आयोजित भव्य दही–चूड़ा भोज में सहभागिता का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर दिनारा के माननीय विधायक आलोक जी भी साथ रहें।" सोशल मीडिया पर इस पोस्ट ने बिहार का राजनैतिक पारा हाई कर दिया है।
दरअसल, आरएलएम के चार में से तीन विधायक रामेश्वर महतो, माधव आनंद और आलोक सिंह अपने पार्टी सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा से नाराज चल रहे हैं। कुशवाहा से नाराज विधायकों की नाराजगी सभी को साइड करके अपने बेटे दीपक प्रियदर्शी मंत्री बनाने को लेकर है। रामेश्वर कुशवाहा ने मीडिया के साथ बातचीत में उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद का आरोप लगाया था। गुरुवार को जगदीशपुर के जदयू विधायक भगवान सिंह कुशवाहा ने दावा किया था कि तीनों विधायक बागी हो गए हैं। यह तस्वीर आने के बाद चर्चा का बाजार गर्म है कि ये अलग गुट बनाकर विधानसभा की तस्वीर बदल सकते हैं।
Updated on:
16 Jan 2026 11:06 pm
Published on:
16 Jan 2026 10:48 pm
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