पटना

केंद्रीय मंत्री ​​​​​उपेंद्र कुशवाहा ने फिर दोहराई न्यायपालिका में आरक्षण की मांग

केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री और रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने न्यायपालिका में आरक्षण की मांग पर फिर जोर दिया है...
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Updated: 4 May 2018, 6:50 PM IST
upendra khushwah
upendra khushwah

(पटना): केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री और रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा ने न्यायपालिका में आरक्षण की मांग पर फिर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछड़े,अति पिछड़े और दलित वर्गों की कुल आबादी अस्सी फीसदी है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की सीमा पचास प्रतिशत पर ही बांध दी है। यह सब इसलिए हो रहा कि अदालतों में इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बहुत कम है।

चलाने वाले है नई मुहिम

गौरतलब है कि कुशवाहा बीते दिनों से लगातार न्यायपालिका में पिछड़े,अति पिछड़े और दलित वर्गों के लिए आरक्षण की मांग कर रहे है। इस मांग को दौबारा दोहराते हुए कुशवाहा ने कहा कि कि पिछले कुछ दिनों में ओबीसी, अति पिछडों और दलितों के मामलों को लेकर न्यायपालिका में इनके हित प्रभावित हुए हैं। अब जरूरी हो गया है कि यहां भी समुचित आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित हो। कुशवाहा आरक्षण की इस मांग को बड़े स्तर पर रखने के लिए एक मुहिम चलाने वाले है जिसको उन्होंने 'हल्ला बोल दरवाजा खोल'नाम दिया है। इसमें उन्हें विभिन्न राजनीतिक दलों का सहयोग भी मिल रहा है। सभी दलों का सहयोग मिलने पर यह मुुहिम एक व्यापक रूप ले सकती है।

पहले भी उठा चुके है न्यायपालिका में समुचित आरक्षण की

उपेंद्र कुशवाहा राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के शीर्ष नेता है और दलितों और कमजोर वर्ग के लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए काम करते आ रहे है। उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से एससी-एसटी एक्ट में बदवाल करने का आदेश देने के बाद जो बंद हुआ था उसके बाद कुशवाहा ने न्यायपालिका में दलितों और पिछडे वर्ग के लोगों कम प्रतिनिधित्व की बात उठाई थी। कुशवाहा ने कहा था कि न्यायपालिका में दलितों और पिछडे वर्ग के लोगों का प्रतिनिधित्व कम है इस वजह से ऐसे फैसले आ रहे है और इन फैसलों से दलितों और पिछडे वर्ग के लोगों को बहुत नुकसान हो रहा है।

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