बिहार ने विजय हजारे ट्राफी में उत्तराखंड को पछाडक़र क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था और उत्तराखंड की टीम ने यह कारनामा बिहार के खिलाफ रणजी ट्राफी में कर दिखाया।
पटना। 22 वर्ष बाद रणजी ट्रॉफी में पदार्पण करने वाली बिहार की टीम भले ही रणजी क्वार्टर फाइनल में नहीं पहुंच पाई, लेकिन उसके खिलाडिय़ों ने क्रिकेट की दुनिया में बिहार की वापसी का जयघोष तो कर ही दिया है। बिहार की टीम आठ में से केवल एक ही मैच हारी है। उत्तराखंड की टीम ने पहले ही मैच में मात्र 2 दिन में बिना अनुभव वाली नई बिहार टीम को सबक सिखा दिया था, यह सबक काम आया और बिहार टीम ने पलटकर नहीं देखा। रन रेट के मामले में उत्तराखंड टीम से भी बेहतर साबित हुई। हालांकि 44 अंकों के साथ उत्तराखंड रणजी क्वार्टर फाइनल में पहुंच गई। उल्लेखनीय है कि विजय हजारे ट्रॉफी में उत्तराखंड को ही हराकर बिहार ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया था।
मणिपुर के खिलाफ भी जीता बिहार
पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में चल रहे मैच में तीन दिन में ही बुधवार को बिहार ने मणिपुर की टीम को 3 विकेट से हरा दिया। एक बार फिर आशुतोष अमन ही प्लेयर ऑफ द मैच घोषित हुए। चौथी पारी में बिहार की बल्लेबाजी डगमगाई थी, लेकिन आशुतोष अमन ने संभाल लिया।
बिहार की टीम अपना पहला ही रणजी मैच हारी नहीं होती या अगर उत्तराखंड से शुरुआती मुकाबला नहीं होता और बाद में दोनों टॉप टीमों को मुकाबला हुआ होता, तो बिहार के जीतने की संभावना ज्यादा थी। बिहार अपने मैच बड़ेे अंतर से जीतकर आगे बढ़ रहा था। शुरुआती जीत ही उत्तराखंड के काम आई।
अब आगे बिहार क्रिकेट
20-ट्वंटी टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में बिहार का मुकाबला विदर्भ से 22 फरवरी को होगा। 23 को तमिलनाडु के खिलाफ, 24 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के विरुद्ध, 26 फरवरी को गुजरात के विरुद्ध, 27 फरवरी को मेघालय के विरुद्ध और 1 मार्च को राजस्थान के विरुद्ध।