
Veena Manvi पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए जन शक्ति जनता दल की उम्मीदवार वीणा मानवी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वीणा मानवी सोमवार 13 जुलाई को पटना कलक्ट्रेट में नामांकन दाखिल करने पहुंची थीं। नामांकन की प्रक्रिया पूरी कर जैसे ही वह कलक्ट्रेट परिसर से बाहर निकलीं, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अपने साथ ले गई। पुलिस अधिकारी वीणा मानवी का हाथ पकड़कर ले जाने लगे। उनके पीछे-पीछे समर्थक भी नारेबाजी करते हुए चलने लगे।
वहीं इस मुद्दे पर तेज प्रताप यादव ने कहा कि यह सरकार की साजिश है। हमारी उम्मीदवार को फंसाया गया है। वीना मानवी का स्वभाव बहुत अच्छा है। मैं अभी दिल्ली में हूं और बिहार जा रहा हूं। आज अरेस्ट वारंट क्यों जारी किया गया। वह आज अपना नॉमिनेशन फाइल कर रही थीं। हमारी उम्मीदवार वीना मानवी जीत रही थीं। इसीलिए उन्हें झूठे केस में फंसाया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा और प्रशांत किशोर हार रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी की प्रत्याशी वीणा मानवी के विरुद्ध नामांकन के दिन की गई कार्रवाई पर हमें गंभीर आपत्ति है। हमारा मानना है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने और उनकी चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया है। यदि ऐसा हुआ है, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक है। बांकीपुर की जनता सब कुछ देख रही है कि किस तरह से एक महिला के साथ अन्याय किया जा रहा है।
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने कहा कि वीणा मानवी के साथ पूरी मजबूती से खड़ा हूं। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और आवश्यकता पड़ने पर हम अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएंगे। बांकीपुर विधानसभा की जनता सत्य और न्याय के साथ खड़ी है। हमें विश्वास है कि सच्चाई की जीत होगी।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है। जब अन्याय होता है तो कृष्ण का सुदर्शन चक्र चलता है। मैं जल्द बिहार आकर अपना सुदर्शन चक्र चलाऊंगा। यह सरकार की साजिश है। वीणा मानवी बहुत अच्छी हैं, उन्हें जानबूझकर फंसाया गया है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई धोखाधड़ी के एक पुराने मामले में की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इसी मामले में वीणा मानवी को हिरासत में लिया गया है। पटना के गांधी मैदान थाना ने बताया कि मानवी को 2009 के एक पुराने मामले में धारा 418 एवं 403 के तहत गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार 2009 में उनके खिलाफ कोर्ट में शिकायत संख्या 830 दर्ज की गई थी, जिसमे उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था।