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चारा घोटाला मामले में लालू यादव को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, जमानत रद्द करने की ED की मांग खारिज

Fodder Scam ED Petition: सुप्रीम कोर्ट ने चारा घोटाला मामले में लालू प्रसाद यादव की जमानत रद्द करने की ED की याचिका खारिज कर दी है।
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पटना

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Pratiksha Gupta

Jul 14, 2026

ED Petition Rejected, Bihar Politics, RJD Chief Relief

चारा घोटाला केस में लालू यादव को मिली कोर्ट से बड़ी राहत | फोटो सोर्स- chatgpt

Lalu Yadav Fodder Scam: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें लालू यादव की जमानत रद्द करने और उनकी सजा पर लगी रोक हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल लालू यादव की जमानत बरकरार रहेगी।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि लंबे समय से चली आ रही जमानत में अब दखल देना उचित नहीं होगा। अदालत ने साफ किया कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि लालू यादव और अन्य आरोपियों की सजा के खिलाफ दायर अपील पर जल्द फैसला किया जाए।

क्या है चारा घोटाला मामला?

चारा घोटाला बिहार के सबसे चर्चित भ्रष्टाचार मामलों में से एक है। इस मामले में सरकारी खजाने से अवैध तरीके से करोड़ों रुपये निकालने का आरोप लगाया गया था। जांच के बाद लालू प्रसाद यादव समेत कई लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया था। साल 2018 में अदालत ने चारा घोटाला मामले में लालू यादव को दोषी करार दिया था और उन्हें सजा सुनाई गई थी। इसके बाद लालू यादव ने अपनी सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। हालांकि, यह अपील अभी तक लंबित है।

2021 में मिली थी जमानत

अपील पर सुनवाई पूरी नहीं होने के कारण साल 2021 में अदालत ने लालू यादव को जमानत दे दी थी। उस समय कोर्ट ने कहा था कि जब तक उनकी अपील पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह जमानत पर रह सकते हैं।

ED ने क्यों मांगी थी जमानत रद्द करने की मांग?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की थी। ED का कहना था कि मामले में दोष सिद्ध होने के बाद जमानत पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ED की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय से जमानत पर है और अपील की सुनवाई अभी बाकी है, तो ऐसे में जमानत रद्द करना सही कदम नहीं होगा।

हाईकोर्ट को छह महीने में सुनवाई पूरी करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में लालू यादव की जमानत को बरकरार रखा, वहीं दूसरी ओर हाईकोर्ट को अपील पर जल्द सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि लालू यादव और अन्य आरोपियों की सजा के खिलाफ लंबित अपीलों का निपटारा अगले छह महीने के अंदर किया जाए। इससे अब इस मामले की अंतिम सुनवाई जल्द पूरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को लालू यादव के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। हालांकि, चारा घोटाला मामले में अंतिम फैसला अभी हाईकोर्ट में लंबित अपील की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

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