प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर लालू यादव की जमानत रद्द करने की मांग की थी। ED का कहना था कि मामले में दोष सिद्ध होने के बाद जमानत पर फिर से विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने ED की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय से जमानत पर है और अपील की सुनवाई अभी बाकी है, तो ऐसे में जमानत रद्द करना सही कदम नहीं होगा।