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Girls Trapped in Noida Society Lift: गैलेक्सी वेगा में 30 मिनट अटकीं सांसें: लिफ्ट में बत्ती गुल, अंधेरे में हनुमान चालीसा पढ़ती रहीं 4 बच्चियां

गैलेक्सी वेगा में 30 मिनट तक सांसें अटकीं, अंधेरे में हनुमान चालीसा पढ़ती रहीं मासूम बच्चियां गैलेक्सी वेगा सोसायटी में लिफ्ट खराब होने से सहम गए बच्चे; मेंटेनेंस की बड़ी लापरवाही फिर आई सामने, आक्रोशित निवासियों ने किया हंगामा।
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Galaxy Vega lift incident Greater Noida West

Galaxy Vega lift incident Greater Noida West

Galaxy Vega lift incident Greater Noida West: ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित गैलेक्सी वेगा सोसायटी में एक बार फिर लिफ्ट सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आई है। 13 जुलाई की रात करीब साढ़े दस बजे सोसायटी के एक टावर में लिफ्ट अचानक दो मंजिलों के बीच अटक गई। उस वक्त लिफ्ट के अंदर 4 छोटी बच्चियां सवार थीं, जो करीब आधे घंटे तक भीतर ही कैद रहीं।

अंधेरे में घबराईं बच्चियां, ARD ने भी नहीं दिया साथ

लिफ्ट रुकते ही केबिन की लाइट भी बंद हो गई और अंदर पूरी तरह अंधेरा छा गया। ऐसे हालात में बच्चियां डर गईं। आमतौर पर ऐसी स्थितियों के लिए लिफ्ट में ऑटोमैटिक रेस्क्यू डिवाइस (ARD) लगा होता है, जो बिजली जाने या तकनीकी खराबी की सूरत में केबिन को नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाकर दरवाजा खोल देता है। लेकिन इस घटना में शुरुआती दस मिनट तक यह डिवाइस भी काम नहीं आया, जिससे बच्चियों की घबराहट और बढ़ गई।

डर पर काबू पाने के लिए किया हनुमान चालीसा का पाठ

बंद लिफ्ट के भीतर घिरी बच्चियों ने हिम्मत नहीं हारी और खुद को संभालने के लिए सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा पढ़नी शुरू कर दी। इसी दौरान किसी ने केबिन के अंदर का यह पल मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। वीडियो में बच्चियां सहमी हुई नजर आती हैं, लेकिन साथ मिलकर पाठ करती सुनाई देती हैं। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आधे घंटे बाद स्टाफ ने निकाला सुरक्षित बाहर

घटना की सूचना मिलते ही सोसायटी का मेंटेनेंस स्टाफ और अन्य कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद करीब 30 मिनट में लिफ्ट का दरवाजा खोला और चारों बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

निवासियों में नाराजगी, मेंटेनेंस पर उठे सवाल

घटना के बाद सोसायटी में रहने वाले परिवारों ने गहरी नाराजगी जताई है। निवासियों का कहना है कि अगर लिफ्ट का ऑटोमैटिक रेस्क्यू सिस्टम समय पर सही तरीके से काम करता तो बच्चियों को इतनी देर तक डर भरे माहौल में नहीं रहना पड़ता। लोगों ने सोसायटी प्रबंधन से लिफ्टों के नियमित रखरखाव, तकनीकी जांच और सुरक्षा उपकरणों की समय-समय पर टेस्टिंग सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

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