मैथिली ठाकुर ने सदन में प्रखंड विकास पदाधिकारी की नौकरी छोड़कर विधायक बने आरजेडी नेता से कहा ‘वीडीओ साहेब, दिल पर हाथ रख के बताइ!’ मैं जो बोल रही हूं वह गलत है।
बिहार विधानसभा में अपराध पर मैथिली ठाकुर का दिया स्पीच एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मैथिली ठाकुर ने सदन में बताया कि लालू यादव के जंगलराज में बिहार कैसा था? लालू यादव की उन्होंने तुलना धृतराष्ट्र से और तेजस्वी की तुलना दुर्योधन से कर दी। उन्होंने अपने भाषण में कहा कि धृतराष्ट्र को हस्तिनापुर की चिंता नहीं बल्कि दुर्योधन की चिंता लगी रहती थी। इसपर सदन में आरजेडी की ओर से टोकाटोकी पर उन्होंने प्रखंड विकास पदाधिकारी की नौकरी छोड़कर विधायक बने आरजेडी नेता से कहा ‘वीडीओ साहेब, दिल पर हाथ रख के बताइ!’ मैं जो बोल रही हूं वह गलत है। सदन में मैथिली ठाकुर के दिए बयान पर तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए अपने सोशल मीडिया एक्स पर बिना किसी का नाम लिए मैथिली ठाकुर का फोटो साझा करते हुए कहा कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति का पूर्ण ज्ञान होने का भ्रम पाल लेते हैं।
दरअसल, यह वाक्या गुरुवार का है। अलीनगर से पहली बार विधायक बनी मैथिली ठाकुर विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा करते हुए आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव पर तंज कसते हुए उनको अपने छोटे बेटे के प्रति स्नेह की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से और उनके बेटे की तुलना दुर्योधन से कर दी। हालांकि उन्होंने सदन में सीधे तौर पर किसी का नाम नहीं लिया, लेकिन 2005 से पहले का बिहार कैसा था? इसकी चर्चा कर उन्होंने उनपर हमला बोला। उन्होंने सदन में गांव में उस दौरान होने वाली घटना की चर्चा करते हुए मैथिली में ही एक कहानी सुनाते हुए कहा कि “बअुवा, साँझ पाँच-छह बजिते गाड़ी सँ निकलऽ मत, हालात ठीक नै छै!” अर्थात तब शाम में पांच छह बजे के बाद गाड़ी से भी घुमना खतरे से खाली नहीं था।
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इसपर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग आरजेडी शासनकाल को जंगल राज बता रहे हैं उनके ही अपने परिवार ने मधुबनी जिले में चोरी की शिकायत की है, जबकि प्रदेश में उनकी ही पार्टी की सरकार है। उन्होंने आगे अपने पोस्ट में मैथिली ठाकुर का फोटो साझा करते हुए लिखा कि कुछ लोग विधायक बनते ही राजनीति का पूर्ण ज्ञान होने का भ्रम पाल लेते हैं।