
बिहार की पूर्व सीएम और राजद नेता राबड़ी देवी
Bihar News: बिहार विधान मंडल के बजट सत्र का 14वां दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन के अंदर पूर्व मुख्यमंत्री और विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर नीतीश कुमार सरकार पर तीखा हमला बोला। राबड़ी देवी ने दावा किया कि अकेले फरवरी के पहले 19 दिनों में बिहार के अलग-अलग जिलों में लड़कियों और महिलाओं के साथ रेप की 35 से ज़्यादा घटनाएं हुई हैं। उन्होंने सरकार से सीधा सवाल किया कि "क्या बिहार की बेटियों के लिए सांस लेना भी मुहाल कर दिया जाएगा?"
विधान परिषद में राबड़ी देवी ने कार्यस्थगन प्रस्ताव के जरिए महिला सुरक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "बिहार के किसी भी जिले में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार कर उनकी हत्या कर दी जा रही है। फरवरी महीने में ही 35 से ज्यादा ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं। सरकार इसे रोकने के लिए क्या कर रही है? क्या प्रशासन केवल मुकदर्शक बना रहेगा?"
जब सभापति ने बीच-बचाव करते हुए कहा कि सरकार कार्रवाई करती ही है, तो राबड़ी देवी ने पलटवार करते हुए कहा कि कार्रवाई जमीन पर नहीं दिख रही, अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं।
आरजेडी के एमएलसी सुनील सिंह ने सदन में अपराध की एक विस्तृत सूची लहराते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन का ध्यान अपराधियों को पकड़ने के बजाय विपक्ष के नेताओं और शरीफ लोगों को परेशान करने में है। उन्होंने कहा, "सरकार की प्राथमिकता अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना नहीं, बल्कि रात के अंधेरे में सांसद और शरीफ लोगों की गर्दन पकड़कर उन्हें थाने पहुंचाना है। अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं और प्रशासन विफल है।"
सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी मोर्चा संभाला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के सामने पूरी तरह सरेंडर कर दिया है। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि 10 बार शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने पहली बार गृह विभाग भाजपा को सौंप दिया है। बिहार में अपराधी बेकाबू हैं क्योंकि उन्हें सत्ता का संरक्षण मिल रहा है। सरकार अपराधियों को अतिथि की तरह पाल रही है।"
इससे पहले 19 फरवरी को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर 14 आपराधिक घटनाओं की सूची जारी कर सरकार को घेरा। पोस्ट में लिखा, "जिंदा ही तो हो, कोई मुर्दा तो नहीं! कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते? कुर्सी ही तो है, कोई अर्थी तो नहीं! बेपरवाह भाजपा नीतीश सरकार और लचर कानून व्यवस्था का हाल! बिहार की बच्चियों के लिए एक एक साँस है मुहाल!!"
विपक्ष के भारी हंगामे के बीच सरकार ने आंकड़ों के जरिए अपनी सफाई पेश की। नीतीश सरकार के मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' की नीति कायम है। सुनील कुमार ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी मामलों में स्पीडी ट्रायल चलाकर कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) द्वारा सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर 19 फरवरी 2026 को बिहार की विधि-व्यवस्था को लेकर उठाए गए सवालों पर सरकार ने विस्तृत जवाब जारी किया है। सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आरजेडी द्वारा गिनाए गए लगभग सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई है।
Published on:
20 Feb 2026 02:52 pm
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