
NEET छात्रा के घर पहुंची CBI की टीम (फोटो- सांकेतिक)
NEET Student Rape-Death Case: राजधानी पटना में जहानाबाद की रहने वाली NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। CBI ने अब शुरुआती जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं, जिसमें पोस्टमॉर्टम और FSL रिपोर्ट में सेक्सुअल असॉल्ट की पुष्टि होने के बावजूद इसे सुसाइड माना गया था। CBI ने कदमकुआं थाने के सस्पेंड दारोगा हेमंत झा को ऑफिस में बुलाकर उनसे लंबी पूछताछ की। कई अहम बातों पर जानकारी जुटाने के लिए छात्रा के मामा और परिवार के दूसरे सदस्यों से भी अलग-अलग जगहों पर पूछताछ की गई।
CBI ने सस्पेंड दारोगा हेमंत झा से करीब चार घंटे तक पूछताछ की। सूत्रों के मुताबिक, जांच अधिकारियों ने उनसे सवालों की बौछार कर दी। CBI ने पूछा कि जब 6 जनवरी को छात्रा को प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया और हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने घटना की सूचना दी, तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से क्यों नहीं लिया और तुरंत कार्रवाई क्यों नहीं की?
CBI ने यह भी पूछा कि घटना के बाद छात्रा के कपड़े बरामद क्यों नहीं किए गए? और उन्हें परिवार को किस आधार पर सौंपा गया? सबसे जरूरी सवाल यह था कि पोस्टमॉर्टम और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) रिपोर्ट में रेप की पुष्टि होने के बावजूद, पुलिस ने शुरू में इसे सुसाइड मानकर केस बंद करने की कोशिश क्यों की?
सस्पेंड किए गए कदमकुआं थाना के दारोगा हेमंत झा से यह भी पूछा गया कि घटना की रिपोर्ट सबसे पहले पुलिस स्टेशन में कब आई थी और चित्रगुप्तनगर थाना की SHO के साथ किस लेवल पर कोऑर्डिनेशन बनाया गया था। बताया जा रहा है कि दारोगा कई सवालों के साफ जवाब नहीं दे पाए। इस केस में लापरवाही के लिए चित्रगुप्तनगर SHO रोशनी कुमारी और हेमंत झा को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है।
जांच के दौरान CBI टीम तीसरी बार गुरुवार को जहानाबाद के मखदुमपुर ब्लॉक के इस्माइलपुर गांव पहुंची। जहां छात्रा के दो मामाओं से अलग-अलग पूछताछ की गई। सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी ने पूछा कि क्या हॉस्टल मालिक ने केस मैनेज करने के लिए पैसे दिए थे, छात्रा की फोन पर आखिरी बातचीत क्या थी और क्या उसने किसी स्ट्रेस या परेशानी का जिक्र किया था।
मामा ने कथित तौर पर CBI को बताया कि हॉस्टल मैनेजमेंट बदनामी से बचना चाहता था और समझौते का इशारा भी किया, हॉस्टल संचालिका लगातार उस पर केस मैनेज करने का दबाव बना रही थी और पैसे का ऑफर भी दिया गया था। हालांकि, CBI ने इस मामले पर कोई ऑफिशियल बयान जारी नहीं किया है। CBI यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या हॉस्टल में छात्रा के साथ कुछ अनहोनी हुई थी, जिसे छिपाने के लिए हॉस्टल संचालिका ने लालच दिया था।
इस बीच, छात्रा के परिवार को बार-बार मिल रही धमकी वाली पर्ची ने केस को और उलझा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को शक है कि ये धमकी वाला नोट किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि परिवार के किसी सदस्य ने लिखे होंगे। हैंडराइटिंग मैचिंग का काम चल रहा है। FSL टीम ने मौके से सैंपल इकट्ठा किए हैं।
मंगलवार को, CBI ने मखदुमपुर मार्केट के पास एक पान की दुकान से स्टूडेंट के भाई का मोबाइल बरामद किया। मोबाइल की कॉल डिटेल्स, चैट्स और लोकेशन हिस्ट्री का टेक्निकल एनालिसिस किया जा रहा है। इसके अलावा, SIT द्वारा जब्त किए गए CCTV फुटेज और DVR की फोरेंसिक रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। एजेंसी घटनाओं के क्रम को जोड़ने के लिए हर फ्रेम की जांच कर रही है।
छात्रा 6 जनवरी को मुन्ना चक स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल के एक कमरे में बेहोश मिली थी। उसे पहले पास के एक हॉस्पिटल और फिर प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने पुलिस को बताया, लेकिन कार्रवाई में देरी अब जांच का मुख्य मुद्दा बन गई है। CBI शुरुआती स्टेज में सबूत इकट्ठा करने में कथित चूक की भी जांच कर रही है। एजेंसी ने कपड़े, मोबाइल फोन, कॉल डिटेल्स और CCTV फुटेज जैसे जरूरी सबूत इकट्ठा करने में कथित देरी पर आपत्ति जताई है।
Updated on:
20 Feb 2026, 9:48 AM IST
Published on:
20 Feb 2026, 9:48 AM IST
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