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क्या NEET छात्रा केस की जांच रोकने की हो रही साजिश? परिवार को किसने दी जान से मारने की धमकी? सुरक्षा के बीच FSL ने खंगाला किचन

NEET छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला सुलझने के बजाय रहस्यमयी होता जा रहा है। CBI सबूतों को जोड़ने में लगी है, जबकि पीड़ित परिवार को मिल रही धमकियों ने प्रशासन को मुश्किल में डाल दिया है।

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पटना

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Anand Shekhar

Feb 19, 2026

NEET Student Rape-Death Case

जांच के लिए NEET छात्रा के घर पहुंची FSL टीम (फोटो- X@Junior_Editor20)

NEET Student Rape-Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली NEET छात्रा के रेप और संदिग्ध मौत का मामला और उलझता जा रहा है। एक तरफ CBI पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ उसके गांव में उसके परिवार को लगातार धमकी भरे नोट मिल रहे हैं। यह घटना तब हो रही है जब घर की सुरक्षा में एक एसआई (SI), दो पुलिसकर्मी और एक चौकीदार की स्थाई तैनाती है। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये धमकियां जांच को पटरी से उतारने की कोशिश हैं या परिवार पर दबाव बनाने की।

परिवार को धमकियां मिलना जारी

छात्रा के परिवार को पहली धमकी पिछले शुक्रवार (13 फरवरी) को मिली, जब किचन की खिड़की पर एक नोट मिला। इसमें परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पुलिस अभी भी मामले की जांच कर रही थी, तभी मंगलवार (17 फरवरी) को उसी जगह (किचन की खिड़की) पर दूसरा नोट मिला। परिवार का दावा है कि किचन की खिड़की में सिर्फ एक ग्रिल है, जिसका इस्तेमाल कोई भी आसानी से अंदर सामान फेंकने के लिए कर सकता है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पुलिस की मौजूदगी में अपराधी घर की दीवार तक पहुंचने की हिम्मत कैसे कर रहे हैं?

FSL टीम इकट्ठा किए सैंपल

लगातार मिल रही धमकियों और मामले की गंभीरता को देखते हुए, डिस्ट्रिक्ट फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) टीम की ऑफिसर मनीषा रानी और शकुराबाद थानाध्यक्ष राहुल कुमार गांव पहुंचे। टीम ने खास तौर पर किचन एरिया की जांच की, जहां पर्चा मिला था। टीम ने खिड़की और आस-पास के एरिया की भी बारीकी से जांच की। टीम ने उन जगहों से कई सैंपल इकट्ठा किए, जहां पर्चा संपर्क में आया हो, जिसमें फिंगरप्रिंट, पेपर फाइबर और संभावित DNA सैंपल शामिल हैं। सभी सैंपल टेस्टिंग के लिए लैब भेज दिए गए हैं।

शकुराबाद थानाध्यक्ष राहुल कुमार के मुताबिक, जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि पर्चा बाहर से फेंका गया था या इसमें कोई अंदर का आदमी शामिल हो सकता है। पुलिस अधिकारियों ने परिवार को दी जा रही सुरक्षा व्यवस्था की भी फिर से जांच की है, क्योंकि धमकियों से परिवार में दहशत का माहौल है।

भाई का मोबाइल और CCTV फुटेज CBI के रडार पर

इस बीच, CBI की जांच अब डिजिटल सबूतों की ओर मुड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी ने SIT द्वारा जब्त किए गए CCTV फुटेज और उससे जुड़े DVR की फोरेंसिक रिपोर्ट की स्टडी शुरू कर दी है। घटना की क्रोनोलॉजी और संदिग्ध गतिविधियों की साफ तस्वीर पाने के लिए हर फ्रेम की जांच की जा रही है।

मृतक छात्रा के भाई से मिले मोबाइल फोन की भी जांच चल रही है। यह मखदुमपुर से मिला था। इसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, लोकेशन ट्रैकिंग और दूसरे डिजिटल डेटा का टेक्निकली एनालिसिस किया जा रहा है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले और बाद में मृतक छात्र ने किससे संपर्क किया और क्या कोई संदिग्ध पैटर्न सामने आया है।

पूछताछ के लिए मामा नहीं पहुंचे

जांच के हिस्से के तौर पर, CBI ने बुधवार को मृतक छात्र के मामा को पूछताछ के लिए अपने पटना ऑफिस बुलाया था। हालांकि, वह उपस्थित नहीं हुए। जांच एजेंसी अब उन्हें दोबारा नोटिस जारी करने की तैयारी में है, ताकि उनसे छात्रा की गतिविधियों और संदिग्धों के बारे में जानकारी ली जा सके। घटना के हर पहलू को सामने लाने के लिए परिवार से लगातार अलग-अलग लेवल पर पूछताछ की जा रही है। हालांकि, CBI अधिकारी फिलहाल कोई ऑफिशियल बयान जारी करने से बच रहे हैं।

जांच प्रभावित करने की कोशिश हो रही है?

धमकी भरे पर्चों का सिलसिला ऐसे समय में सामने आया है जब कथित तौर पर जांच अपने अहम पड़ाव पर है। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि परिवार को डराकर बयान बदलने या दबाव डालने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सुरक्षा के बावजूद नोट उनके घरों तक पहुंच रहे हैं, तो यह गंभीर चिंता की बात है। गांव वालों ने निष्पक्ष और जल्दी जांच की मांग की है।