पटना

Bihar Politics: सम्राट के सीएम बनने पर बिहार बीजेपी में अंदरूनी खींचतान! विजय सिन्हा के बयान ने बढ़ाई हलचल

Bihar Politics: सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो के बाद बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है।

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Apr 16, 2026
bihar transfer posting
बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा

Bihar Politics बिहार बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने कहा कि पार्टी को सत्ता में लाने के लिए वर्षों तक ज़मीन पर मेहनत की, पसीना बहाया और संघर्ष किया। वायरल वीडियो में, जब उनसे सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर पत्रकारों ने सवाल किया, तो विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि यह फैसला ‘कमांडर’ (पार्टी नेतृत्व) का है। उनका यह बयान सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

फैसले को लेकर बीजेपी में असंतोष

विजय कुमार सिन्हा के इस बयान को लेकर बीजेपी पार्टी कार्यालय में भी काफी चर्चा हो रही है। लोग इसे अपने-अपने तरीके से व्याख्यायित कर रहे हैं। कुछ नेताओं का कहना है कि पार्टी का यह फैसला समर्पित कार्यकर्ताओं को आत्ममंथन करने पर मजबूर कर रहा है, जबकि कुछ का मानना है कि “बॉस इज़ ऑलवेज़ राइट” की स्थिति है। इससे यह स्पष्ट है कि पार्टी के इस निर्णय से सभी लोग पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। पार्टी कार्यालय में पूरी सब्ज़ी और लड्डू खाते हुए एक वरिष्ठ नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि क्या पार्टी नेतृत्व को कोई समर्पित कार्यकर्ता नहीं मिला, जो वर्षों से संगठन के लिए काम कर रहा हो, जो कई दलों में रह चुके व्यक्ति के हाथों में सत्ता की कमान सौंप दी गई।

सम्राट चौधरी के चयन पर पार्टी में मतभेद

सीनियर पत्रकार प्रवीण बागी का कहना है कि यह सच है कि सम्राट चौधरी के नाम पर पार्टी में एक राय नहीं थी। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना था कि संघ पृष्ठभूमि से जुड़े किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री पद दिया जाना चाहिए। हालांकि, सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार का समर्थन प्राप्त था और उनके कार्य प्रदर्शन ने भी उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

बागी आगे कहते हैं कि सम्राट चौधरी को ‘बाहरी’ कहकर विरोध करना उचित नहीं होगा। जब से संघ और बीजेपी ने कांग्रेस की तर्ज पर संगठन में व्यापक स्तर पर लोगों को शामिल करने की नीति अपनाई है, तब से पार्टी का विस्तार भी बढ़ा है। इसलिए, संभवतः पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए ही शीर्ष नेतृत्व ने यह निर्णय लिया होगा।

सम्राट चौधरी को लेकर पार्टी में मतभेद

सीनियर पत्रकार अरुण कुमार पांडेय ने विजय कुमार सिन्हा के बयान पर कहा कि इससे साफ संकेत मिलता है कि सम्राट चौधरी के नाम को लेकर पार्टी में सब कुछ सहज नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि इस बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि सम्राट चौधरी पार्टी के भीतर अभी पूरी तरह सर्वमान्य नेता नहीं हैं।बहरहाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के बयान के बाद बिहार में राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। नीतीश कैबिनेट में सम्राट चौधरी के साथ डिप्टी सीएम रहे विजय कुमार सिन्हा ने अपने कुछ महीनों के कार्यकाल में भूमि सुधार को लेकर कई सख्त कदम उठाए, जिसके चलते वे आम लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हुए। हालांकि, उनके इन फैसलों से एक वर्ग असंतुष्ट भी रहा।

विजय सिन्हा के भविष्य की भूमिका पर सस्पेंस

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की भूमिहार-ब्राह्मण मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ है। ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि क्या सम्राट चौधरी सरकार में विजय कुमार सिन्हा को समायोजित किया जाएगा, या फिर उन्हें संगठन में कोई बड़ी जिम्मेदारी दी जाएगी।

Updated on:
16 Apr 2026 11:09 am
Published on:
16 Apr 2026 10:53 am