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Chhattisgarh News: पत्थरों में गूंज रही आस्था की साधना, बस्तर में अरविंद नामदेव रच रहे नई कहानी, जानिए कैसे

Arvind Namdev sculptor Bastar: मध्यप्रदेश के जबलपुर से आए प्रसिद्ध मूर्तिकार अरविंद नामदेव अपनी सृजनात्मक प्रतिभा से पत्थरों में भक्ति का भाव उकेर रहे हैं। वे दक्षिण बस्तर के विभिन्न इलाकों में भव्य प्रतिमाओं का निर्माण कर श्रद्धालुओं की आस्था को साकार रूप दे रहे हैं।

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बस्तर में आस्था को नया आकार दे रहे मूर्तिकार अरविंद नामदेव (फोटो सोर्स- पत्रिका)
बस्तर में आस्था को नया आकार दे रहे मूर्तिकार अरविंद नामदेव (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में इन दिनों कला और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश के जबलपुर से आए प्रसिद्ध मूर्तिकार अरविंद नामदेव अपनी सृजनात्मक प्रतिभा के जरिए बस्तर की धार्मिक पहचान को एक नया स्वरूप दे रहे हैं। वे दक्षिण बस्तर के विभिन्न इलाकों में भव्य प्रतिमाओं का निर्माण कर श्रद्धालुओं की आस्था को साकार रूप दे रहे हैं।

कोंडागांव में मां गायत्री की भव्य प्रतिमा

कोंडागांव जिले के बनिया गांव में इन दिनों मां गायत्री की एक विशाल और आकर्षक प्रतिमा निर्माणाधीन है। यह प्रतिमा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को भी समृद्ध करेगी। मूर्तिकार अरविंद नामदेव अपनी बारीक कारीगरी और पारंपरिक शैली के साथ आधुनिक तकनीक का समावेश कर इस प्रतिमा को विशेष बना रहे हैं।

अंतागढ़ में भोलेनाथ की प्रतिमा तैयार

इसी तरह कांकेर जिले के अंतागढ़ क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ की भव्य मूर्ति भी आकार ले रही है। यह प्रतिमा स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगी। मूर्ति के निर्माण में सूक्ष्मता और आध्यात्मिक भावों को विशेष महत्व दिया जा रहा है, जिससे यह दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर सके।

30 वर्षों का समृद्ध अनुभव

अरविंद नामदेव ने बताया कि वे पिछले करीब 30 वर्षों से मूर्तिकला के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में देवी-देवताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और समाजसेवियों की अनेक प्रतिमाएं बनाईं हैं। उनकी कला में जीवंतता और भावनात्मक अभिव्यक्ति साफ झलकती है, जो उन्हें अन्य कलाकारों से अलग पहचान दिलाती है।

मां दंतेश्वरी की नगरी से विशेष जुड़ाव

हाल ही में मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे अरविंद नामदेव ने बताया कि बस्तर की पावन धरती पर आकर उन्हें अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि मां दंतेश्वरी की कृपा से ही उन्हें यहां सेवा करने का अवसर मिला है।

बस्तर में स्थायी रूप से काम करने की इच्छा

अरविंद नामदेव ने आगे बताया कि वे बस्तर में रहकर ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व की और भी प्रतिमाएं बनाने की योजना बना रहे हैं। इसके लिए वे स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संस्थाओं के संपर्क में हैं। उनका मानना है कि यदि जिला प्रशासन का सहयोग मिले, तो बस्तर को कला और आस्था के क्षेत्र में एक नई पहचान दिलाई जा सकती है।

आस्था और कला का संगम

बस्तर में तैयार हो रही ये प्रतिमाएं न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेंगी, बल्कि पर्यटन और सांस्कृतिक विकास को भी बढ़ावा देंगी। मूर्तिकार अरविंद नामदेव का यह प्रयास क्षेत्र में कला के प्रति नई जागरूकता पैदा कर रहा है और स्थानीय कलाकारों को भी प्रेरित कर रहा है।

Published on:
18 Apr 2026 01:39 pm
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