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बस्तर की मिट्टी, आदिवासी कला और एक सपना! जानें छत्तीसगढ़ के अनूप रंजन पांडे की सफलता की कहानी

Padma Shri Anup Ranjan Pandey: पद्मश्री अनूप रंजन पांडे को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। बस्तर की लोक और आदिवासी कलाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले पांडे ने बस्तर बैंड के माध्यम से हजारों कलाकारों को मंच प्रदान किया।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 12 Jun 2026, 3:21 PM IST

Padma Shri Anup Ranjan Pandey

Padma Shri Anup Ranjan Pandey; पद्मश्री अनूप रंजन पांडे(photo-patrika)

Padma Shri Anup Ranjan Pandey:ताबीर हुसैन. छत्तीसगढ़ की लोक और आदिवासी कलाओं को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने वाले पद्मश्री अनूप रंजन पांडे को वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार के लिए चुना गया है। बस्तर बैंड की स्थापना कर उन्होंने न केवल हजारों आदिवासी कलाकारों को एकजुट किया, बल्कि उन पारंपरिक कला रूपों और वाद्यों को भी नई पहचान दिलाई जो समय के साथ हाशिए पर चले गए थे। पत्रिका से विशेष बातचीत में उन्होंने इस सम्मान के महत्व, अपने संघर्षपूर्ण सफर, हबीब तनवीर से मिली प्रेरणा, बस्तर की सांस्कृतिक यात्रा और युवाओं के लिए अपने संदेश पर खुलकर बात की।

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