
@ताबीर हुसैन/Bhilai Digital Creator: छत्तीसगढ़ के भिलाई की रहने वाली 27 वर्षीय डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर काजल श्रीवास आज लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी सफलता रातों-रात नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे वर्षों का संघर्ष, लगातार सीखने की ललक और खुद पर अटूट विश्वास है। वर्ष 2019 में पिता की गंभीर बीमारी के बाद परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। इसी चुनौती ने उन्हें डिजिटल दुनिया में अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा दी। महज 3500 रुपए की पहली कमाई से शुरू हुआ उनका सफर आज लाखों फॉलोअर्स, राष्ट्रीय पहचान और अपने सफल डिजिटल स्टार्टअप तक पहुंच चुका है।
काजल बताती हैं कि उनके जीवन का सबसे कठिन दौर वह था, जब पिता की तबीयत खराब होने के कारण परिवार की जिम्मेदारी उन्हें उठानी पड़ी। उस समय उनके सामने दो रास्ते थे- हालात के सामने हार मान लेना या खुद को साबित करना। उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार सीखते हुए उन्होंने कंटेंट बनाना शुरू किया। शुरुआत में चुनौतियां थीं, संसाधन सीमित थे और कमाई भी बहुत कम थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
काजल की पहली डिजिटल कमाई सिर्फ 3500 रुपए थी। यही छोटी-सी शुरुआत उनके लिए बड़ा आत्मविश्वास लेकर आई। इसके बाद उन्होंने लगातार बेहतर कंटेंट तैयार किया, नए प्रयोग किए और सोशल मीडिया की बदलती दुनिया के साथ खुद को अपडेट रखा। आज उनकी पहचान सिर्फ एक कंटेंट क्रिएटर के रूप में नहीं, बल्कि सफल डिजिटल उद्यमी (Entrepreneur) के रूप में भी है।
काजल अपनी यात्रा को संघर्ष, प्रयोग और सम्मान का सफर मानती हैं। लगातार मेहनत और रचनात्मक सोच के कारण उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मान मिले। उन्हें मिले प्रमुख सम्मान, छत्तीसगढ़ यूथ आइकॉन सम्मान (मुख्यमंत्री द्वारा), अतुल्य नारी शक्ति सम्मान (राज्यपाल द्वारा), क्रिएटर ऑफ द ईयर सम्मान (राज्य शासन द्वारा)। इन सम्मानों ने न केवल उनके काम को पहचान दिलाई, बल्कि उन्हें समाज के लिए प्रेरणा बनने का अवसर भी दिया।
काजल वर्तमान में भारत सरकार के खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय की फिट इंडिया एंबेसडर भी हैं। इस भूमिका में वे मध्यप्रदेश, आंध्रप्रदेश, दिल्ली सहित कई राज्यों में जाकर युवाओं और आम लोगों को फिट इंडिया अभियान से जोड़ने का काम कर रही हैं। सोशल मीडिया के जरिए भी वे स्वास्थ्य, फिटनेस और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश देती हैं।
काजल श्रीवास ने एक और बड़ी उपलब्धि तब हासिल की जब उन्हें इंस्टाग्राम पर आधिकारिक ब्लू टिक मिला। वे छत्तीसगढ़ की पहली क्रिएटर आर्टिस्ट बनीं जिन्हें यह पहचान मिली। इसके साथ ही उन्होंने 10 लाख (1 मिलियन) से अधिक फॉलोअर्स का आंकड़ा पार कर प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया। उनके कंटेंट को देशभर के लोग पसंद करते हैं।
डिजिटल मार्केटिंग और ब्रांड प्रमोशन के अनुभव के आधार पर काजल ने रायपुर में अपना डिजिटल प्रमोशनल स्टार्टअपशुरू किया। आज उनकी कंपनी में 25 से 30 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिल रहा है, जबकि सैकड़ों कंटेंट क्रिएटर्स को विभिन्न ब्रांड्स और कंपनियों के साथ जोड़कर काम के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कंपनी कई क्षेत्रों में सेवाएं दे रही है, सोशल मीडिया मैनेजमेंट, इंफ्लुएंसर मार्केटिंग, कॉर्पोरेट ब्रांडिंग, जनसंपर्क (PR), वीडियो एवं ऑडियो प्रोडक्शन, डिजिटल मार्केटिंग, इवेंट मैनेजमेंट युवाओं के लिए काजल प्रेरणा बनीं।
काजल का मानना है कि आज के दौर में सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि करियर और रोजगार का बड़ा प्लेटफॉर्म भी है। सही दिशा, मेहनत और ईमानदारी से इस क्षेत्र में बेहतरीन भविष्य बनाया जा सकता है। वे युवाओं को सलाह देती हैं कि वे किसी भी काम की शुरुआत करने से डरें नहीं। सीखने की आदत बनाए रखें और अपने हुनर पर भरोसा रखें।
"सपनों को पूरा करने के लिए शुरुआत करने से डरना नहीं चाहिए। आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें, अपने हुनर पर भरोसा रखें और चुनौतियों को अवसर में बदलना सीखें। आपकी पहचान आपकी मेहनत और आपके काम से बनेगी।" काजल श्रीवास की कहानी इस बात का उदाहरण है कि यदि इरादे मजबूत हों तो कठिन से कठिन परिस्थितियां भी सफलता की सीढ़ी बन सकती हैं। संघर्ष को अवसर में बदलने का उनका सफर आज छत्तीसगढ़ ही नहीं, पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है।