
कर्मचारियों का स्थानीय प्रमाण पत्र अनिवार्य (photo source- Patrika)
CG Employment Scheme: राज्य सरकार ने राज्य में औद्योगिक निवेश के साथ रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने छत्तीसगढ़ उद्योग रोजगार एवं प्रशिक्षण अनुदान नियम 2025 लागू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत ऐसे उद्योगों को अनुदान दिया जाएगा, जो स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के साथ उन्हें प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए स्थानीय युवाओं का निवासी प्रमाण पत्र अनिवार्य होगा।
नई नीति का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए अधिक रोजगार अवसर पैदा करना, उद्योगों में कुशल मानव संसाधन तैयार करना और निवेश को आकर्षित करना है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों, आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
नियमों के अनुसार, केवल वही औद्योगिक इकाइयां अनुदान के लिए पात्र होंगी, जिन्होंने उत्पादन या सेवा गतिविधि शुरू कर दी हो। साथ ही, उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों का ईपीएफओ पंजीयन अनिवार्य होगा। प्रशिक्षण वृत्ति प्रतिपूर्ति एक कर्मचारी को जीवनकाल में केवल एक बार मिलेगी, जबकि रोजगार अनुदान अधिकतम 5 वर्षों तक दिया जा सकेगा।
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है। उद्योगों को मूल निवासी प्रमाण पत्र, नियुक्ति आदेश, वेतन भुगतान से जुड़े दस्तावेज और ईपीएफओ पंजीयन प्रमाण पत्र सहित आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे। आवेदन में कमी पाए जाने पर 15 दिनों के भीतर सुधार का अवसर दिया जाएगा।
नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई उद्योग गलत जानकारी देकर अनुदान प्राप्त करता है या निर्धारित नियमों का पालन नहीं करता तो उससे 12.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित पूरी राशि वसूल की जाएगी। साथ ही, अनुदान प्राप्त उद्योगों को कम से कम पांच वर्षों तक स्थानीय निवासियों को निर्धारित अनुपात में रोजगार देना अनिवार्य होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई व्यवस्था राज्य में औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करेगी। इससे स्थानीय युवाओं का पलायन कम होने के साथ कौशल विकास को भी नई दिशा मिलेगी।
प्रशिक्षण अनुदान दो किस्तों में जारी किया जाएगा। पहली किस्त कर्मचारी के एक वर्ष पूर्ण होने के बाद और दूसरी किस्त छह माह बाद मिलेगी। अनुदान राशि कर्मचारी के औसत मासिक वेतन के आधार पर तय होगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बजट उपलब्धता के अनुसार अनुदान राशि सीधे ऑनलाइन माध्यम से जारी की जाएगी।
Published on:
03 Jul 2026 10:49 am
