Diaetes Reversal Episode 10: पत्रिका की इस हेल्थ सीरीज के 10वें एपिसोड में हम जानेगे कि कैसे टाइप‑2 डायबिटीज आज भारत के स्वास्थ्य पर सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बन चुकी है। दुनिया भर की तरह भारत में भी लाखों-करोड़ों लोग इस स्थिति से जूझ रहे हैं। वहीं सोशल मीडिया पर एक नया शब्द तेजी ट्रेंड में आ रहा है 'डायबिटीज रिवर्सल', यानी मधुमेह को नियंत्रण या नॉर्मल रेंज में लाना। लेकिन सवाल यही है, कि क्या यह केवल एक वायरल ट्रेंड है या वाकई डायबिटीज रिवर्सल संभव है? डायबिटीज रिवर्सल को लेकर क्या है मेडिकल की परिभाषा?
Diabetes Reversal Episode 10: टाइप 2 डायबिटीज आजकल ऐसा शब्द है जो सिर्फ क्लीनिक या डॉक्टर्स तक ही सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सोशल मीडिया, हेल्थ ब्लॉग और यू ट्यूब चैनलों पर भी रोज नए-नए डाइबिटीज रिवर्सल के चमत्कारिक दावे भी देखने को मिल रहे हैं। अभी तक माना जाता था कि शुगर ऐसी बीमारी है, जो एक बार हो गई, तो अब जिंदगी भर इसकी दवाएं चलनी है। लेकिन आजकल कई डायबिटीज एक्सपर्ट, हेल्थ एक्सपर्ट्स यहां तक कि फिटनेस इंफ्लुएंसर भी डायबिटीज रिवर्सल का दावा करते हैं। उनका मानना है कि कुछ ही हफ्तों में आप अपनी डायबिटीज को खत्म कर सकते हैं। लेकिन क्या ऐसा सच में संभव है? या फिर केवल एक नया ट्रेंड भर…। patrika.com पर संजना कुमार की इस विशेष रिपोर्ट में जाने डायबिटीज/शुगर रिवर्सल का सच, आखिर क्या है ये नाम और इसकी सच्चाई…
AIIMS भोपाल के एंडोक्रिनोलॉजिस्ट (Endocrinologist)/डायबिटीज एक्सपर्ट्स डॉ. अल्पेश गोयल बताते हैं कि सबसे पहले हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि 'रिवर्सल' का मतलब हमेशा बीमारी का खत्म होना नहीं होता। चिकित्सा जगत में इसे रिमिशन (Remission) कहा जाता है। Remission का अर्थ है ब्लड शुगर (HbA1c) नॉर्मल रेंज में आ जाए। मरीज कम से कम 3 महीने तक बिना ग्लूकोज‑नियंत्रक दवाइयों के स्वस्थ रहे, यह तब माना जाता है जब HbA1c 6.5% से नीचे बना रहे वो भी बिना दवाओं के।
यानी रिवर्सल शब्द से ज्यादा सही शब्द 'लाइफस्टाइल‑मैनेज्ड रिमिशन' है। जहां रोग पूरी तरह गायब नहीं होता, लेकिन कंट्रोल में आ जाता है।
अब सबसे महत्वपूर्ण तथ्य ये है कि भारत में एक बड़ा वैज्ञानिक अध्ययन प्रकाशित हुआ है। इसमें यह देखा गया कि टाइप‑2 डायबिटीज वाले मरीजों में लाइफस्टाइल बदलावों से रिमिशन हासिल किया जा सकता है।
इस अध्ययन का नाम था 'Type 2 diabetes remission and its predictores in an India cohort।' ये शोध freedom from diabetes clinic ने किया था। वहीं यह शोध PLOS One जैसी इंटरनेशनल समीक्षा-आधारित पत्रिका में प्रकाशित हुआ। इस अध्ययन में भारत के 2,384 वयस्क टाइप-2 डायबिटीज के मरीज शामिल थे। इनकी उम्र 30 से 75 वर्ष के बीच थी। मरीजों को एक साल के लिए एक पूर्ण ऑनलाइन लाइफस्टाइल इंटरवेंशन प्रोग्राम (Diabetes Reversal) में रखा गया।
-1-डॉक्टर प्रमोद त्रिपाठी
-2- निधि एस. कदम
-3- तेजस कथ्रीकॉली
-4- दीप्तिका तीवारी
-5- अनाघा व्याहव्र्य
-6- बेबी शर्मा
-7- मल्हार गांला
-8- बंशी साबू
इन डॉक्टर्स के अलावा इस टीम में अन्य सदस्य भी शामिल थे।
इन बिंदुओं पर चरणबद्ध तरीके से काम किया गया। जिसका नतीजा हासिल हुआ तो डॉक्टर्स हैरान हो गए। 31.2% लोगों ने डायबिटीज रिमिशन हासिल किया। यानी तीन में से एक व्यक्ति ऐसा था, जिसने HbA1c को NO मेडिसिन के साथ 6.5% से नीचे बना लिया।
हालांकि यह संख्या छोटे केस स्टडी या अटकल नहीं है, यह न्यूज डेटा, वैज्ञानिक विश्लेषण के आधार पर सामने आया। यह पहली भारतीय रिपोर्ट बनी, जो डायबिटिज रिवर्सल की सफलता की कहानी कहती है।
डायबिटीज रिवर्सल प्रोजेक्ट को लेकर हुए शोध अध्ययनों में ये सामने आया कि कुछ विशेष समूहों को रिमिशन पाने में ज्यादा सफलता मिली थी, इनमें-
यह सबसे अहम सवाल है, लेकिन इसका जवाब देते हुए डॉ. अल्पेश गोयल का कहना है… नहीं! Remission का मतलब बीमारी को मुकम्मल इलाज देना या हमेशा खत्म करना नहीं है। बल्कि रिमिशन केवल तब तक ही रहता है जब तक आपकी लाइफस्टाइल हेल्दी बनी रहे। अगर आप रिमिशन से डायबिटीज कंट्रोल करने के बाद फिर से पुरानी लाइफ स्टाइल पर लौटते हैं, तो आपको शुगर या डायबिटीज का अनियंत्रित लेवल फिर से परेशान कर सकता है। इसीलिए शोधकर्ता इसे रिवर्सल से ज्यादा लाइफ स्टाइल मैनेजमेंट कंट्रोल या रिमिशन कहते हैं।
भारत जैसे देश में जहां टाइप 2 डायबिटीज के मरीज 72 मिलियन से ज्यादा है, इस तरह बड़े नतीजों का बड़ा अर्थ है।
यही सब टास्क मिलकर काम करते हैं और नियंत्रण रखना सिखाते हैं। लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं, ऐसा कर पाना सभी के लिए संभव नहीं है। लगातार अनुशासन में रहना, सामाजिक समर्थन और सहीं गाइडेंस मिलना भी तो जरूरी है।
भारत में हुए डायबिटीज रिवर्सल के इस शोध से बहुत लोगों को फायदा पहुंचा है, लेकिन यह ध्यान देना जरूरी हो जाता है कि यह एक पिछला अध्ययन था, इसका अर्थ है कि यह पहले से किए गए केसों का विश्लेषण है। इस कार्यक्रम में नंबरों और नियमित फॉलो अप की वजह से कुछ चयन भेद भी हो सकते हैं। हर व्यक्ति का शरीर और उनकी रसायन क्षमता यानी बायोकेमिस्ट्री अलग होती है। इसलिए इस प्रोजेक्ट के परिणाम बदल भी सकते हैं।
भारत में डायबिटीज रिवर्सल को लेकर जागरुकता बढ़ी है। इसके साथ ही हेल्थ प्रोग्राम, ऐप आधारित मॉनिटरिंग, मेडिकल हेल्थ ऐप और मेडिकल-लाइफ स्टाइल समर्थन मिल रहा है। जिससे लोग अपना समर्थन भी दे रहे हैं और मेडिकल-लाइफ स्टाइल समर्थन भी मिल रहा है। इससे लोग अब आत्म यानी खुद स्वयं भी अपनी देखभाल में जुटे हैं।
इस ट्रेंड को एक वायरल सोशल मीडिया का शब्द न मानें। बल्कि, भारतीय अध्ययन बताया कि कैसे एक भारतीय हर तीन एक साल में रिमिशन हासिल कर सकता है?
डॉ. अल्पेश की इस बात से एक बात तो स्पष्ट है कि यदि आप एक साल में ही डायबिटीज रिमिशन हासिल करना चाहते हैं,.तो जान लें कि लाइफ स्टाइल में डिसिप्लिन हेल्थ गाइडेंस, सही लाइफस्टाइल का परिणाम है।
डॉक्टर अल्पेश कहते हैं कि आजकल सोशल मीडिया पर डायबिटीज को पूरी तरह खत्म करने के फेर में लोगों को भ्रामक जानकारियां भी दी जा रही हैं। ऐसे प्रचारकों का पैसा कमाने का लालच डायबिटिज पेशेंट को भारी पड़ रहा है। सोशल मीडिया के थ्रू आने वाले ऐसे प्रलोभन पर न जाएं, क्योंकि रिमिशन क्योर नहीं है, बल्कि शुगर को कंट्रोल करना है। ये झांसा आपकी जान पर बन सकता है। अपने डायबिटीज एक्सपर्ट डॉक्टर से इस बारे में बात करें और फिर इसे फॉलो करें।
बता दें कि आज भारत में 72 मिलियन से ज्यादा डायबिटीज मरीजों के साथ इसका सामना कर रहे हैं, तो यह अध्ययन (Diabetes Remission ) एक नई राह, एक नई उम्मीद और एक वैज्ञानिक फैक्ट प्रदान करता है। डायबिटीज को नियंत्रित और रिमिशन करना संभव हैं, लेकिन इसे अनुशासन और सबूत आधारित गाइडेंस के साथ ही फॉलो किया जाना चाहिए।
डायबिटीज रिवर्सल की इस सीरीज के 10वें एपिसोड में आपने जाना कैसे डायबिटीज रिवर्सल (रिमिशन) शब्द एक ट्रेंड नहीं बल्कि एक उम्मीद बनकर आया है। ये कोई चमत्कार नहीं है, बल्कि डिसिप्लिन, हेल्थ गाइडेंस और सही लाइफस्टाइल का नतीजा है। अगर आज हमारा देश 72 मिलियन से ज्यादा डायबिटीज मरीजों के साथ इसका सामना कर रहा है, तो यह अध्ययन एक नई राह, एक नई उम्मीद और एक वैज्ञानिक तथ्य को स्पष्ट करता है। डायबिटीज रिवर्सल के अंतिम और 11वें एपिसोड में हम जानेंगे डायबिटीज को लेकर क्या कहता है होम्योपैथ और आयुर्वेद? अगर आप लगातार patrika की ये सीरीज पढ़ रहे हैं, तो कमेंट करके हमें जरूर बताइएगा कि ये सीरीज आपको कैसी लगी?