
bada talab encroachment: भोजपाल तालाब को बचाने की बड़ी तैयारी। (photo:patrika creative)
Bada Talab Encroachment: हो सकता है कि राजधानी भोपालकी लाइफलाइन कहा जाने वाला बड़ा तालाब आने वाले वर्षों में केवल तस्वीरों व किताबों में ही दिखाई दे। यह संभव भी है क्योंकि जिस गति से भू-माफिया चौतरफा अतिक्रमण कर रहे हैं, उससे बड़ा तालाब की जल्द पहचान मिटने की आशंका है। साथ ही तालाब किनारे बने अवैध मैरिज गार्डन और कैफे अपना सीवेज सीधे तालाब में छोड़ रहे हैं, जिससे तालाब का पानी विषैला भी होता जा रहा है। इतना ही नहीं, एनजीटी और हाईकोर्ट की सख्त फटकार भी भू-माफिया पर बेअसर है।
अगर खानूगांव के किनारे खड़े होकर देखें तो पता चलता है कि यहां 166.68 फीट फुल टैंक लेवल (FTL) की मर्यादा को कब का लांघा (Bada Talab Encroachment) जा चुका है। वहीं तालाब के किनारे अवैध रूप से संचालित 25 से ज्यादा मैरिज गार्डन व कैफे तालाब को प्रदूषित भी कर रहे हैं। एनजीटी और हाईकोर्ट की सख्त फटकार के बाद प्रशासन की नींद अब टूटी है। तालाब के कैचमेंट एरिया व एफटीएल को धता बताकर जो निर्माण किए गए हैं, उन्हें हटाने शासन व प्रशासन स्तर पर प्लानिंग हो रही है।
बात करें खानूगांव की तो इसका नजारा किसी रिहाइशी कॉलोनी जैसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित पर्यावरणीय अपराध जैसा दिखाई (Bada Talab Encroachment )देता है। यानी जहां कभी पानी के क्षेत्र का विस्तार होना चाहिए था, वहां आज आलीशान मैरिज गार्डन, बहुमंजिला इमारतें और रेस्टोरेंट्स खड़े हैं। कई जगहों पर तालाब की रिटेङ्क्षनग वॉल तक को मलबे से दबाकर जमीन 'पैदा' की गई है। बड़े तालाब के 50 मीटर के नो-कंस्ट्रक्शन जोन में सैकड़ों अवैध निर्माण पहले से ही चिह्नित हैं।
- खानूगांव मुख्य मार्ग: यहां तालाब की सीमा के भीतर कम से कम 45 बड़े पक्के निर्माण हैं। सैटेलाइट इमेजरी के जरिए 2010 और 2026 के बीच के बदलावों का मिलान।
- नयापुरा क्षेत्र: यहां सीवेज का पानी सीधे तालाब में गिराने के लिए अवैध ड्रेनेज लाइनें बिछाई गई हैं। वीआइपी रोड के पीछे के अवैध रूप से चल रहे कैफे और अस्थायी शेड (Bada Talab Encroachment)।
- अन्य क्षेत्रों के हाल: सूरज नगर, हलालपुर, सलीम की चक्की रोड और बोरवन आदि में तालाब की सीमा को पाटकर 200 से अधिक झुग्गीनुमा पक्के कमरे और क्युनिटी बने।
- कैचमेंट लॉस: तालाब की भराव क्षमता 25.90 अरब लीटर कम। 65 जगहों पर बढ़ी मात्रा में गाद एकत्रित हुई।
- केमिकल अटैक: 40 नालों का सीवेज का रोजाना 24.50 करोड़ लीटर कंस्ट्रक्शन वेस्ट सीधे तालाब में मिल रहा।
- प्रशासनिक सुस्ती: 300 अधिक लोगों के नोटिस जारी। करीब 1300 अतिक्रमण चिह्नित हैं, फिर भी कार्रवाई शून्य।
- बड़ा तालाब अतिक्रमण हटाने (Bada Talab Encroachment) में किसी नोटिस की जरूरत नहीं है। कोर्ट की गाइडलाइन में वाटर बॉडीज को मुक्त रखा है। आप बुलडोजर लेकर जाएं और एफटीएल के निर्माण तोड़ दें। ऐसा नहीं करेंगे तो फिर तोड़ नहीं पाएंगे। कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रमसिंह ने इसी लहजे में एसडीएम को बुलडोजर लेकर अतिक्रमण हटाने निकल जाने की हिदायत दी थी। आप तालाब को बचाने चाहते हैं और कार्रवाई का समर्थन करते हैं तो बुलडोजर आने पर मौके पर जाएं। कार्रवाई करने वालों का सम्मान भी करें।
- कलेक्टर के स्पष्ट निर्देश के बाद भी प्रशासन के बुलडोजर तालाब किनारे नहीं पहुंचे। तीन नजूल क्षेत्र तालाब से (Bada Talab Encroachment) जुड़ते हैं।
- टीटी नगर, बैरागढ़ व हुजूर नजूल शामिल है। सभी नजूल के अफसरों का कहना था कि कांग्रेस के कार्यक्रम को लेकर लॉ एंड ऑर्डर में ड्यूटी से कार्रवाई नहीं कर सके।
अतिक्रमण केवल झोपडिय़ों तक सीमित नहीं है। यहां 'ङ्क्षसडिकेट' काम कर रहा है। भू-माफिया तालाब किनारे की जमीन पर मलबा डालकर उसे समतल करते हैं और फिर रातों-रात वहां बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी जाती है।
- सुभाष सी. पांडेय, पर्यावरणविद्
तालाब का कैचमेंट एरिया उसका सुरक्षा कवच है। खानूगांव में हो रहा निर्माण हाइड्रोलॉजिकल साइकिल तोड़ रहा है। अगर एफटीएल से अतिक्रमण नहीं हटा, तो शहर भीषण जलसंकट का सामना करेगा।
- सौरभ पोपली, एसोसिएट प्रोफेसर, एसपीए भोपाल
Updated on:
25 Feb 2026 10:04 am
Published on:
25 Feb 2026 09:57 am
