Healthy Heart Super Food Dil Ka Sach Series Part 11: हार्ट अटैक से बचना है, तो जानिए दिल का सच पार्ट 11 में वो सुपर फूड और डाइट जो कम करता है सूजन, प्लाक और हार्ट अटैक का खतरा...
Healthy Heart Super Food Dil Ka Sach Series Part 11: दिल की बीमारी की चर्चा होते ही सबसे पहले नाम जो किसी के भी जहन या मन में आते हैं उनमें दवाइयां, टेस्ट और डॉक्टर या एक्सपर्ट का नाम शामिल होता है। लेकिन सच मेडिकल की दुनिया से कहीं दूर है। असल में दिल की सेहत की असली नींव आपकी थाली में होती है। आप रोज क्या खाते हैं, कैसे खाते हैं और सबसे जरूरी की कितनी मात्रा में खाते हैं। यानी आपकी थाली ही तय करती है कि आपकी नसें साफ रहेंगी या उनमें प्लाक जमेगा।
भोपाल AIIMs के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विक्रम वाटी और हार्ट एक्सपर्ट डॉ. विनोद कोठारी कहते हैं डाइट का दिल से खास कनेक्शन है। मेडिकल कंडिशन आने से पहले ही अगर आप डाइट पर ध्यान दे दिया जाए, तो हार्ट अटैक का रिस्क निश्चित रूप से कम होता जाएगा। वह भी बड़ी तेजी से.... कैसे और क्या खाना है.. जानने से पहले जरूर पढ़ें दिल को दुरुस्त बनाने वाली संजना कुमार की खास रिपोर्ट...
'दिल का सच' सीरीज के इस आखिरी पार्ट में हम बात करेंगे उन चुनिंदा फूड्स की, जो सिर्फ पोषण ही नहीं देते बल्कि, ये वे सुपरफूड हैं जो आपके दिल के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं।
अगर किसी एक फूड को दिल का 'प्राकृतिक रक्षक' कहा जाए, तो बेर्रीज इस सूची में सबसे ऊपर आती हैं। ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, ब्लैकबेरी या रास्पबेरी, ये सभी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं।
इन फलों की खासियत यह है कि ये खून की नसों को अंदर से सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। इनके नियमित सेवन से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है, जो दिल की बीमारियों की बड़ी वजह है।
अगर आप सोच रहे हैं कि बैर्रीज तो महंगी विदेशी वैरायटीज हैं, तो जान लें इनका आकर्षण अपनी जगह है, लेकिन स्थानीय और आसानी से मिलने वाली बेर्रीज भी लगभग उतना ही फायदा देती हैं।
ब्रोकोली, पत्ता गोभी, फूलगोभी, केल जैसी साधारण दिखने वाली सब्जियों में अंदर छिपे पोषक तत्व दिल के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं।
-इन सब्जियों में फाइबर, जो कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करता है, प्लांट कंपाउंड्स हैं, जो सूजन घटाते हैं वहीं ऐसे तत्व जो नसों की दीवारों को मजबूत बनाते हैं
ये सब्जियां शरीर में जमा खराब पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करती हैं और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाती हैं। अगर रोज के खाने में इन्हें शामिल किया जाए, तो ये अकेले ही हार्ट रिस्क कम करने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।
आज भी बहुत लोग 'फैट' शब्द सुनते ही घबराते हैं और कई बार डरते भी हैं। इसके विपरीत सच्चाई यह है कि हर फैट खराब नहीं होता। असल में बड़ी समस्या है 'रिफाइंड कार्ब्स' और शुगर की है, जो धीरे-धीरे शरीर में मेटाबॉलिक गड़बड़ियां पैदा करते हैं।
अंडा लंबे समय तक विवादों में रहा, लेकिन अब ज्यादातर रिसर्च में इसे एक पोषक फूड माना गया है।
इसमें प्रोटीन और हेल्दी फैट का संतुलन होता है, इससे शरीर को जरूरी अमीनो एसिड्स मिलते हैं, यह हार्मोनल बैलेंस में मदद करता है। अंडा एक ऐसा फूड है जो आपको लंबे समय तक एनर्जी देता है और बार-बार भूख लगने से बचाता है। अगर सही मात्रा में लिया जाए, तो यह दिल के लिए मददगार हो सकता है।
दिल की सेहत सिर्फ दिल तक सीमित नहीं है, इसका सीधा संबंध आपके पाचन तंत्र से भी है।
जब खाना फर्मेन्ट होता है, तो उसमें अच्छे बैक्टीरिया विकसित हो जाते हैं। ये बैक्टीरिया आपके गट (आंत) को मजबूत बनाते हैं।
ब्लड शुगर संतुलित रहती है, सूजन कम होती है, शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है
दही, इडली, ढोकला, किण्वित की गई सब्जियां या फल (जैसे अचार, कांजी)। ये फूड्स आपके शरीर के 'अच्छे बैक्टीरिया' को बढ़ाते हैं, जो दिल को अप्रत्यक्ष रूप से सुरक्षित रखते हैं।
अगर दिल के लिए एक 'ऑल-इन-वन' फूड चुनना हो, तो एवोकाडो एक मजबूत दावेदार है। यानी यह हेल्दी हार्ट के लिए सुपरफूड की लिस्ट का सुपर से भी ऊपर फूड है।
यह हेल्दी फैट से भरपूर होता है, फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का अच्छा स्रोत है, ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मददगार है।
इसका काम है शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाना, ट्राइग्लिसराइड्स को कम करना, नसों की सूजन घटाना, इसे सलाद, स्मूदी या टोस्ट के साथ आसानी से शामिल किया जा सकता है।
अगर आप इस चेन को शुरुआत में ही तोड़ देते हैं, तो बड़ी समस्या आने से पहले ही रुक सकती है। कुल मिलाकर कहना होगा कि दवा से पहले डाइट पर ध्यान दें, इस पूरी सीरीज का सबसे बड़ा संदेश यही है कि दिल की सेहत सिर्फ अस्पताल में नहीं, आपकी रोज की जिंदगी में तय होती है।