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पटरी पर लौट रही India-US Trade Deal, पीयूष गोयल फिर जाएंगे अमेरिका, क्या इस बार बनेगी बात?

भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल अगले सप्ताह अमेरिका के लिए रवाना हो सकते हैं। वह अमेरिकी प्रशासनिक अधिकारियों संग ट्रेड डील पर बातचीत करेंगे। क्या इस बार ट्रेड डील समझौता हो पाएगा? पढ़ें पूरी खबर...
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Sep 20, 2025
India-Oman Free Trade Agreement
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल। (फोटो:ANI)

India-US Trade Deal: अमेरिका ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। यह टैरिफ 27 अगस्त से लागू है। टैरिफ लागू होने के बाद से भारत और अमेरिका के रिश्तों में खटास आई थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) लगातार भारत के खिलाफ बयानबाजी दे रहे थे, लेकिन बीते कुछ दिनों में उनके बयानों में नरमी भी देखने को मिली। अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील पटरी पर लौटने लगी है।

अगले हफ्ते रवाना होंगे गोयल, जयशंक भी रुबियो से मिलेंगे

कुछ दिन पहले व्यापार समझौते पर बाचतीत को लेकर ब्रेंडन लिंच की अगुवाई में अमेरिकी प्रतिनिधियों का एक दल भारत आया था। अब जानकारी सामने आई है कि भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में एक अधिकारियों का एक दल अगले हफ्ते अमेरिका के लिए रवाना हो सकता है। इसके साथ ही, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर मुलाकात के दौरान राजनीतिक स्तर पर भी बातचीत जारी रखेंगे। जयशंकर की अमेरिका यात्रा की योजना पर काम चल रहा है। आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।

भारत के ​विदेश मंत्री एस. जयशंकर। (फोटो: ANI.)

ट्रेड डील पर कब क्या-क्या हुआ?

★फरवरी 2025: पीएम मोदी का वाशिंगटन दौरा, ट्रंप का व्यापार घाटा कम करने पर जोर
★मार्च 2025: वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल का चार दिवसीय अमेरिकी दौरा
★अप्रैल 2025: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का भारत दौरा
★2 अप्रैल 2025: ट्रंप ने सभी देशों पर लगाया 10% टैरिफ, भारत पर 26 फीसदी टैरिफ ( 90 दिनों के लिए निलंबित)
★9 जुलाई 2025: डेड लाइन खत्म होने के बाद निलंबन 1 अगस्त तक आगे बढ़ा
★22 जुलाई 2025: पांचवें दौर की बातचीत बेनतीजा
★25 जुलाई 2025: अमेरिकी टीम भारत पहुंची, बातचीत फेल
★30 जुलाई 2025: ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैरिफ का एलान
★27 अगस्त 2025: 50% टैरिफ पूर्ण रूप से लागू
★11 सितंबर 2025: पीयूष गोयल बोले-बातचीत जारी, नवंबर तक होगा पहला ट्रांच फाइनल
★19 सितंबर 2025: जल्द अमेरिकी दौरे पर जाएंगे गोयल

कौन हैं ब्रेंडन लिंच?

इंडिया-यूएस ट्रेड डील को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका की तरफ से ब्रेंडन लिंच बीते मंगलवार को एक दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे थे। लिंच ने बोस्टन कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद जॉर्ज वाशिंगटन यूनिवर्सिटी से MBA की डिग्री हासिल की। वह आर्थिक मामलों के विशेषज्ञ हैं। उन्होंने अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों के साथ महत्वपूर्ण समझौते कराए। लिंच के पास फिलहाल 15 देशों के संबंध में यूएस ट्रेड पॉलिसी और इसके लागू किए जाने की देखरेख की जिम्मेदारी है।

नरम पड़े ट्रंप के तेवर

भारत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर नरम-गरम रहे हैं। रूसी तेल खरीद पर उन्होंने भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी टैरिफ लगाया। जिससे भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी पहुंच गया। वहीं, कुछ दिनों पहले ट्रंप ने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापार बाधाओं को दूर करने के लिए बातचीत जारी रख रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही वार्ता सफल होगी। इसमें कोई कठिनाई नहीं आएगी। इस पर पीएम मोदी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दोनों देश स्वाभाविक साझेदार हैं। जो एक उज्जवल और समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। (फोटो- IANS)

तेल और कृषि पर भारत की लाल रेखा

भारत ने रूसी तेल खरीद पर कहा कि वह अपनी रणनीतिक स्वायतत्ता बरकरार रखेगा। भारत को जहां सस्ता तेल मिलेगा। वहां से तेल खरीदेंगे। भारत ने कृषि सेक्टर में अमेरिकी प्रोडक्ट्स के लिए दरवाजे बंद कर रखे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस के भाषण में कहा था कि भारत भारतीय किसानों, मछुआरों और पशुपालकों की भलाई से कोई समझौता नहीं करेगा। मोदी किसी भी प्रतिकूल नीति के खिलाफ दीवार की तरह खड़ा है। दरअसल, अमेरिका अपने आनुवंशिक रूप से संशोधित उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने की मांग कर रहा है।

भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद सुलझने की संभावना। ( फोटो: आईएएनएस.)

10-15 फीसदी पर आ सकता है अमेरिकी टैरिफ

भारत सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी.अनंत नागेश्वरन ने बीते गुरुवार को कोलकाता में मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कहा कि अगले आठ से 10 सप्ताह में वाशिंगटन की ओर से भारत पर लगाए गए पेनल्टी टैरिफ पर दोनों देश समाधान पर पहुंच सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नवंबर तक दोनों देशों में व्यापार समझौता होने का पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के भारत से मंगाए जाने वाले माल पर पर रेसिप्रोकल टैरिफ को भी हम 10 से 15 फीसदी तक लाने को सहमत हो सकते हैं।

टैरिफ से निर्यातकों की बढ़ी परेशानी

भारतीय निर्यातकों पर पड़ रहा नकारात्मक असर अमेरिकी टैरिफ के कारण भारतीय निर्यातकों पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। सी-फूड, टेक्सटाइल, चमरा उद्योग और दवा उद्योग अमेरिकी टैरिफ से बुरी तरह प्रभावित हैं। क्योंकि अमेरिकी आयातकों ने अन्य देशों की तुलना में भारत पर भारी टैरिफ के कारण ऑर्डर रद्द करना शुरू कर दिया है। सरकार निर्यातकों के सामने मौजूद नकदी की तात्कालिक चुनौती से निपटने के लिए एक राहत पैकेज पर काम कर रही है।

Updated on:
20 Sept 2025 02:06 pm
Published on:
20 Sept 2025 02:01 pm