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Government Hospital : सरकारी अस्पतालों पर अरबों रुपये का खर्च, फिर जांच से इलाज तक पीपीपी मोड पर आगे बढ़ने की तैयारी क्यों?

Government Hospital : राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत करने के लिए सरकार एक तरफ सरकारी अस्पतालों के भवन, मशीनरी और सुविधाओं पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी तरफ इन्हीं अस्पतालों में जांच और चिकित्सा सेवाओं के संचालन के लिए निजी क्षेत्र की ओर फिर बड़े पैमाने पर देखने की तैयारी है। क्या है सरकारी की योजना, इस बारे में विस्तार से पढ़िए विकास जैन की खास रिपोर्ट।
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भारत

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Swatantra Mishra

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विकास जैन

Aug 25, 2026

Governments Hospitals on PPP mode

सरकारी अस्पतालों में इलाज से लेकर जांच तक के लिए निजी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। (Photo: Anugrah Soloman)

Government Hospital : दिल्ली में हुई हालिया बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र में पब्लिक-प्राइवेट-पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के विस्तार की संभावनाओं पर मंथन हुआ। दूसरी ओर, जयपुर के मेट्रो मास अस्पताल को अनुबंध की शर्तों की पालना नहीं करने पर नोटिस जारी होना इस मॉडल की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। यानी एक तरफ सरकार अस्पताल बनाएगी, जमीन देगी, उपकरण और आधारभूत ढांचा खड़ा करेगी। दूसरी तरफ संचालन में निजी भागीदारी बढ़ाने की तैयारी होगी। ऐसे में मूल सवाल यही है जब सरकारी स्वास्थ्य तंत्र में लगातार निवेश हो रहा है, तो किन सेवाओं को पीपीपी में देना जरूरी है और उसके लिए सरकार की लागत, निजी सेवा प्रदाता की कमाई और मरीज को मिलने वाली सुविधा का संतुलन कैसे तय होगा?

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