Mojtaba khamenei property empire: ईरान के सुप्रीम लीडर के बेटे मोजतबा खामनेई की संपत्ति के साम्राज्य की रिपोर्ट दुनिया के सामने आने के बाद अमीर बनाम गरीब की बहस शुरू हो चुकी है। आइए जानते हैं कि दुनिया में 10 फीसदी अमीरों के पास दुनिया की कितनी संपत्ति है और संसार की कितनी बड़ी आबादी के पास सिर्फ 2 प्रतिशत संपत्ति। पढ़िए विस्तृत रिपोर्ट।
Mojtaba khamenei property empire : दुनिया में असमानता की खाई गहरी होती जा रही है। अमीर एक तरफ और अमीर होते जा रहे हैं तो दूसरी ओर गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, गरीबों का मसीहा कहे जाने वाले सुप्रीम लीडर अली खामनेई (Ali Khamenei) के बेटे मोजतबा (Mojtaba Khamenei Property) की संपत्ति के साम्राज्य का प्रसार ईरान से बाहर के देशों में बहुत तेजी से हो रहा है। मोजतबा के बहाने यह जानने की कोशिश करते हैं कि दुनिया में अमीर और गरीब की कितनी तेजी से बढ़ती जा रही है।
मध्य पूर्व के सबसे शक्तिशाली व्यक्तियों में से एक ईरान के सुप्रीम लीडर सय्यद अली हुसैनी खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई के पास करीब लगभग 3 अरब डॉलर (लगभग ₹25,000 करोड़ रुपये से अधिक) की संपत्ति होने का अनुमान लगाया गया है। ब्लूमबर्ग की नई रिपोर्ट से खलबली मच गई कि गरीबों का मसीहा के तौर पर देश में मकबूलियत पा चुके अली खामनेई और उनके बेटे मोजतबा खामनेई की संपत्ति का विस्तार देश से बाहर दूसरे देशों में लगातार हो रहा है। हालांकि मोजतबा खामनेई ने किसी भी प्रॉपर्टी पर सीधा मालिकाना हक नहीं रखा है। वह किसी कंपनी के नाम पर हैं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तरी लंदन में अरबपतियों के घर वाले एक इलाके के नाम से जाना जाता है, वहां कई खाली आलीशान घर दिखाई देते हैं। यहां एक घर की कीमत वर्ष 2014 में €33.7 मिलयन यूरो थी। रिपोर्ट में यह बताया गया है कि कई गुप्त कंपनियों के जरिये से होते हुए इन संपत्तियों का अंतिम मालिकाना हक ईरान के सुप्रीम लीडर के दूसरे सबसे बड़े बेटे मोजतबा खामेनेई की है। दुबई के पॉश इलाके में बेवर्ली हिल्स इलाके में मोजतबा के पास एक आलीशान विला है।
मोजतबा खामनेई की संपत्ति फारस की खाड़ी में जहाजों से लेकर स्विस बैंक खातों तक पसरी हुई है। यह बताया जाता है कि तेल व अन्य कंपनियों के जाल की मदद से खामेनेई ने 2019 में अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद पश्चिमी बाजारों में अरबों डॉलर की धनराशि पहुंचाने में मदद की है। जर्मनी के फ्रैंकफर्ट और स्पेन के मालोर्का जैसे समुद्रतटीय शहरों में खामनेई के पांच सितारा होटल हैं, जहां दुनिया के बड़े-बड़े अरबपति धूप सेंकने के लिए आते हैं। मोजतबा की संपत्ति यूएई, सीरिया, वेनेजुएला और कई अफ्रीकी देशों तक फैली हुई है।
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया की 10 फीसदी सबसे अमीर आबादी के पास लगभग 76% वैश्विक धन है। वहीं इसके विपरीत, दुनिया की सबसे गरीब 50% आबादी के पास महज 2% वैश्विक संपत्ति है। दुनिया में लगभग 0.001% (लगभग 56,000 लोग) के पास शीर्ष गरीब आधे लोगों के पास जितनी दौलत है, उससे तीन गुना ज़्यादा दौलत है। वर्ष 2024 में वैश्विक अरबपतियों की संपत्ति में $2 ट्रिलियन की वृद्धि हुई और 204 नए अरबपति बने।
ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में सबसे अमीर 10% लोगों के पास लगभग 77-80% संपत्ति है। वहीं निचले 50% आबादी के पास केवल लगभग 3% संपत्ति है। भारत के शीर्ष 1 फीसदी के पास करीब 40% राष्ट्रीय संपत्ति का नियंत्रण है। भारत में 16 लोगों की संपत्ति 60 करोड़ लोगों की संपत्ति के बराबर है। भारत में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संपत्ति काफी कम है, क्योंकि पुरुष और महिला की कमाई का अनुपात 1 रुपया : 63 पैसा है।
एक अनुमान के अनुसार, देश में वर्ष भर में उत्पन्न संपत्ति का 73% हिस्सा सबसे धनी 1% लोगों के पास चला जाता है, जबकि देश की लगभग आधी आबादी यानी लगभग 70 करोड़ की संपत्ति में सालाना सिर्फ 1% की वृद्धि होती है।
Forbes के अनुसार, वर्ष 2025 में भारत में अरबपतियों की संख्या 205 है। इनकी कुल संपत्ति लगभग $941 अरब डॉलर (लगभग ₹80-90 लाख करोड़) मानी जा रही है। वैसे, Hurun इंडिया के अनुसार, देश में अरबपतियों की संख्या 334 है। इनकी संख्या वर्ष 2000 में मात्र 9 थी। अरबपतियों की संख्या के हिसाब से भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद दुनिया में तीसरे स्थान पर आता है। अमेरिका में कुल लगभग 902, जबकि चीन में 516 अरबपति हैं। पूरी दुनिया में 3,028 बिलेनियर हैं।
भारत में स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च के कारण प्रतिवर्ष लगभग 6.3 करोड़ लोग गरीबी की चपेट में आ जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय पोषण रिपोर्टों के अनुसार, देश में 12 फीसदी आबादी कुपोषण की शिकार है। डाउन टू अर्थ की एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में कुपोषण की स्थिति बच्चों के मामले में ज्यादा खराब है। भारत में 18.7% बच्चों में तीव्र कुपोषण पाया गया है।